शिलान्यास के बाद सड़क निर्माण ठप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
75 लाख की लागत से स्वीकृत सड़क का काम एक साल से बंद। शिलान्यास के बाद सड़क निर्माण ठप रहने से किसान और राहगीर परेशान। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

शिलान्यास के बाद भी सड़क निर्माण ठप
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। पाटन पंचायत समिति के अधीन ग्राम पंचायत बल्लूपुरा में मोहनपुरा से बल्लूपुरा तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य पिछले 1 वर्ष से पूरी तरह बंद है। करीब 75 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस सड़क का शिलान्यास भाजपा सैनिक कल्याण बोर्ड के मंत्री प्रेम सिंह बाजोर ने किया था। ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास के बाद काम आगे नहीं बढ़ा और अब सड़क निर्माण ठप होने से किसानों और राहगीरों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। मार्ग की खराब स्थिति से रोजाना आवागमन प्रभावित हो रहा है।
शिलान्यास के बाद काम बंद
स्थानीय ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी ने जर्जर सड़क की समस्या विधानसभा में प्रमुखता से उठाई थी। इसके बाद राजनीतिक श्रेय लेने की जल्दबाजी में शिलान्यास तो करा दिया गया लेकिन निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास को करीब 1 वर्ष बीत चुका है लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और सड़क निर्माण ठप रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अधूरी सड़क पर कंक्रीट और गड्ढे फैले हुए हैं। मोहनपुरा और बल्लूपुरा के किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाने में भारी परेशानी हो रही है। खराब रास्ते से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। उनका कहना है कि सड़क का काम समय पर पूरा हो जाता तो किसानों और आम राहगीरों को राहत मिलती लेकिन लंबे समय से काम बंद होने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
किसानों और राहगीरों की मुश्किल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सड़क आसपास के गांवों के लोगों के लिए रोजाना आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। निर्माण अधूरा होने के कारण किसानों को अपनी उपज लेकर आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य को गति नहीं मिल सकी। सड़क निर्माण ठप होने से सरकारी स्वीकृति और शिलान्यास के बावजूद लोगों को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण अब संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण दोबारा शुरू नहीं कराया गया तो वे उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि 1 वर्ष से अधूरे पड़े काम के कारण उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि अब केवल शिलान्यास से काम नहीं चलेगा बल्कि सड़क का निर्माण धरातल पर पूरा होना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण ठप रहने की समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सड़क निर्माण से जुड़ी योजनाओं की लागत, प्रगति और कार्य पूरा होने की स्थिति संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड पर निर्भर करती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।