न्यूजीलैंड एमओयू से भीलवाड़ा को उम्मीद, टेक्सटाइल कारोबार को नया बाजार
न्यूजीलैंड एमओयू से राजस्थान के कारोबारियों को नए बाजार मिलेंगे। व्यापार, निवेश, टेक्सटाइल, कृषि और सर्विस सेक्टर में सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।

न्यूजीलैंड एमओयू
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। राजस्थान के उद्योग और व्यापार जगत को न्यूजीलैंड के बाजार से जोड़ने की दिशा में न्यूजीलैंड एमओयू को अहम पहल माना जा रहा है। न्यूजीलैंड इंडिया चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच हुए समझौते से व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश होगी। प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल के जरिए उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही आगामी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के लिए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह को आमंत्रित किया गया। भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए भी इस पहल की पृष्ठभूमि में अहम है।
बाजार तक सीधी पहुंच
न्यूजीलैंड एमओयू का उद्देश्य दोनों देशों के व्यापारियों और उद्योगपतियों के बीच संपर्क बढ़ाना है। इसके तहत व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान प्रदान, निवेश अवसरों की पहचान और संयुक्त व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। मेवाड़ चैम्बर के अनुसार राजस्थान के उद्यमियों को न्यूजीलैंड के उद्योग और व्यापार जगत से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल खास तौर पर उन कारोबारियों के लिए उपयोगी हो सकती है जो नए विदेशी बाजार तलाश रहे हैं। भारत न्यूजीलैंड एफटीए में भारतीय निर्यात के लिए व्यापक बाजार अवसर भी बनाए गए हैं।
बैठक में व्यापारिक माहौल को समझने और नए कारोबारी संपर्क बनाने पर भी चर्चा हुई। कृषि, नई तकनीक, ऊन कारोबार और सर्विस सेक्टर में संभावनाओं को रेखांकित किया गया। न्यूजीलैंड में निवेश करने वाले भारतीय उद्यमियों को बैंकिंग स्तर पर सहयोग का भरोसा भी दिया गया। कार्यक्रम में न्यूजीलैंड सरकार के मंत्री, भारतीय राजदूत डॉ मदन मोहन सेठी और ऑकलैंड बिजनेस चैम्बर के सीईओ साइमन ब्रिजेस सहित कई वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। इससे दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई है।

निर्यात को नई दिशा
न्यूजीलैंड एमओयू से भीलवाड़ा सहित राजस्थान के टेक्सटाइल, माइनिंग, इंजीनियरिंग, कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों को नए बाजार मिलने की संभावना जताई गई है। मेवाड़ चैम्बर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ आर सी लोढ़ा ने कहा कि समझौते से उद्यमियों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुल सकते हैं। आने वाले समय में दोनों चैम्बर व्यावसायिक बैठकें, निवेश सम्मेलन और उद्योग विशेष संवाद आयोजित करने की दिशा में संयुक्त प्रयास करेंगे। इससे कारोबारियों को बाजार की जरूरत समझने और संभावित साझेदार तलाशने में मदद मिल सकती है।
मेवाड़ चैम्बर के मानद महासचिव आर के जैन के अनुसार यह पहल भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के लाभ को व्यापारिक वर्ग, सर्विस सेक्टर और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाने की कोशिश है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए वैश्विक बाजार विस्तार की संभावना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत न्यूजीलैंड एफटीए में भारतीय उत्पादों के लिए व्यापक बाजार पहुंच का प्रावधान किया गया है। न्यूजीलैंड एमओयू के जरिए राजस्थान के उद्यमियों को इस अवसर का व्यावसायिक लाभ उठाने के लिए नए संपर्क और सहयोग मंच मिलने की उम्मीद है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। एमओयू और मुक्त व्यापार समझौते से मिलने वाले वास्तविक व्यावसायिक लाभ संबंधित नियमों, बाजार परिस्थितियों, व्यापारिक निर्णयों और समझौते के प्रभावी प्रावधानों पर निर्भर करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।