कांग्रेस सिंबल पर बवाल, 17 प्रत्याशियों का चुनावी खेल बिगड़ा
कांग्रेस सिंबल को लेकर भीलवाड़ा में घमासान, 17 प्रत्याशी फंसे और डोटासरा पर उठे सवाल, जांच की मांग खड़गे तक पहुंची, पार्टी में बढ़ी हलचल।

प्रेस वार्ता में जानकारी देते वक्ता
भीलवाडा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल समय पर निर्वाचन अधिकारी तक नहीं पहुंचने का मामला अब पार्टी के भीतर गंभीर विवाद बन गया है। पीसीसी सदस्य मनोज पालीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार महेश सोनी की भूमिका पर आरोप लगाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 70 वार्डों में 53 प्रत्याशियों के सिंबल समय पर पहुंचे जबकि 17 प्रत्याशी प्रभावित हुए।
समय सीमा पर सवाल
मनोज पालीवाल का आरोप है कि नामांकन की अंतिम समय सीमा तक 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल निर्वाचन अधिकारियों के पास नहीं पहुंच सके। उनका कहना है कि पार्टी की ओर से प्रत्याशियों को अधिकृत किए जाने के बाद सिंबल पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संगठन की थी। ऐसे में कांग्रेस सिंबल समय पर निर्वाचन अधिकारी तक क्यों नहीं पहुंचा और देरी किस स्तर पर हुई, यह जांच का विषय है। दूसरी ओर उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर भी आपत्ति जताई है।
इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नामांकन के अंतिम दिन दोपहर 3 बजे की समय सीमा के बाद सिंबल स्वीकार नहीं किए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे समय से पहले निर्वाचन कार्यालय परिसर में मौजूद थे और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि सिंबल को लेकर विवाद के बीच 17 प्रत्याशियों की चुनावी स्थिति प्रभावित हुई। कांग्रेस सिंबल मामले में अब जिम्मेदारी तय करने की मांग जोर पकड़ रही है।
खड़गे तक पहुंचा मामला
पीसीसी सदस्य मनोज पालीवाल ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र भेजकर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही है। पालीवाल ने प्रदेश नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक कांग्रेस सिंबल से जुड़ी चूक की पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
पालीवाल ने नगर निगम के सभी 70 वार्डों में प्रत्याशी चयन और नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यह सामने आना चाहिए कि सिंबल भेजने की व्यवस्था में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। इस बीच कांग्रेस के भीतर यह मामला संगठनात्मक खींचतान और कार्यकर्ताओं की नाराजगी से भी जोड़ा जा रहा है। अब कांग्रेस सिंबल विवाद पर राष्ट्रीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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