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डेंगू से मौत ने बढ़ाई चिंता, अगस्त में 20536 मरीज और 43 मौतें

बांग्लादेश में डेंगू से मौत का आंकड़ा 107 पहुंच गया है। 24 घंटे में 5 और लोगों की जान गई और 1110 नए मरीज अस्पताल पहुंचे। अगस्त में भी हालात बिगड़े।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

ढाका, बांग्लादेश। बांग्लादेश में डेंगू से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में 5 और लोगों की मौत के बाद इस साल बीमारी से मरने वालों की संख्या 107 हो गई है। इसी अवधि में देशभर के अस्पतालों में 1110 नए मरीज भर्ती हुए हैं। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य महानिदेशालय ने बताया कि ताजा मौतें ढाका नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन, मयमनसिंह और बरिशाल डिवीजन में दर्ज हुई हैं। बढ़ते आंकड़ों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है।  [1]

अगस्त में बढ़ा खतरा

अगस्त डेंगू संक्रमण के लिहाज से बांग्लादेश के लिए बेहद मुश्किल महीना रहा। इस दौरान 43 लोगों की मौत हुई और 20536 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 26 वर्षों में किसी एक महीने के दौरान मामलों और मौतों के लिहाज से अगस्त तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। डेंगू से मौत के बढ़ते आंकड़ो के बीच यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है। मच्छर से फैलने वाली यह बीमारी अब देश के कई इलाकों में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है।

जहां संक्रमण ज्यादा है वहां नियंत्रण अभियान तेज करने की जरूरत बताई जा रही है। जहांगीरनगर विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान के प्रोफेसर कबीरुल बशर ने कहा कि अक्टूबर तक डेंगू के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने हॉटस्पॉट की पहचान कर मच्छर नियंत्रण और जागरूकता अभियान तेज करने पर जोर दिया। नेशनल यूनिवर्सिटी ढाका के कीट विशेषज्ञ जीएम सैफुर रहमान ने भी कमजोर मच्छर नियंत्रण अभियानों को बढ़ते खतरे की प्रमुख वजहों में बताया है। विशेषज्ञों के मुताबिक स्थानीय स्तर पर तुरंत कदम उठाना जरूरी है।

इलाज में देरी भी चिंता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू के गंभीर मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नजमुल अहसान के मुताबिक अस्पताल पहुंचने में देरी और रास्ते में उचित तरल प्रबंधन नहीं मिलने से गंभीर मरीजों का जोखिम बढ़ सकता है। दूरदराज के इलाकों से आने वाले कुछ मरीजों को अस्पताल पहुंचने में 5 से 6 घंटे तक लग जाते हैं। ऐसी देरी गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है और डेंगू से मौत का सबब बन सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ते संक्रमण के बीच समय पर जांच और इलाज के साथ मच्छर नियंत्रण पर भी जोर देना जरूरी है। बांग्लादेश में डेंगू मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के जरिए फैलता है। इसलिए प्रभावित इलाकों में मच्छरों की संख्या नियंत्रित करना अहम माना जा रहा है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण पर काबू पाने के लिए स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। आने वाले हफ्तों में हालात पर करीबी नजर रखना भी जरूरी होगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। डेंगू संक्रमण और उससे होने वाली मौतों के आंकड़े लगातार बदल सकते हैं इसलिए स्वास्थ्य संबंधी किसी निर्णय से पहले स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की ताजा सलाह लेना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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