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AI नीति संकट से बचने को कार्प की सलाह, विशेषज्ञों को घर बुलाएं

AI नीति संकट के बीच पैलेंटिर प्रमुख एलेक्स कार्प ने देशों से अमेरिका में मौजूद अपने बड़े तकनीकी विशेषज्ञों को वापस बुलाने की अपील की है।

By अजय त्यागी
1 min read
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पैलेंटिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्स कार्प

पैलेंटिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्स कार्प

चैपल हिल, नॉर्थ कैरोलाइना। AI नीति संकट के बीच पैलेंटिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्स कार्प ने देशों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने सरकारों से अमेरिका में मौजूद अपने प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों को वापस बुलाने की अपील की है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्प का कहना है कि AI की दौड़ को सिर्फ राजनीतिक या सैद्धांतिक बहस मानना सही नहीं होगा। देशों को ऐसे लोगों की जरूरत है जो AI मॉडल, सॉफ्टवेयर, चिप और डेटा जैसे तकनीकी पहलुओं को समझते हों।  [1]

प्रतिभा घर लौटे

कार्प के मुताबिक आज AI से जुड़े बड़े फैसलों को तकनीकी स्तर पर समझने वाले बहुत से लोग अमेरिका में हैं। उनका कहना है कि देशों को इन विशेषज्ञों को वापस लाकर अपनी राष्ट्रीय रणनीति तैयार करनी चाहिए। सरकारों को यह समझना होगा कि कौन सा मॉडल इस्तेमाल करना है, कौन सा सॉफ्टवेयर बेहतर रहेगा और किस तरह की कंप्यूटिंग क्षमता चाहिए। उनके मुताबिक केवल नीतियां बनाने से काम नहीं चलेगा। AI को जमीन पर लागू करने वाले तकनीकी लोगों को फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल करना भी जरूरी है।

कार्प ने इस बात पर जोर दिया कि AI को लेकर किसी देश की ताकत सिर्फ उसके बजट से तय नहीं होगी। अगर सरकार बड़ी रकम खर्च करती है लेकिन तकनीकी फैसले लेने की क्षमता बाहर से आती है तो निर्भरता बनी रहेगी। इसी वजह से AI नीति संकट के बीच तकनीकी प्रतिभा को वापस लाना महत्वपूर्ण हो सकता है। उनका संदेश खास तौर पर उन देशों के लिए है जहां के इंजीनियर और शोधकर्ता अमेरिका की बड़ी तकनीकी कंपनियों में काम कर रहे हैं और वहां से महत्वपूर्ण अनुभव हासिल कर रहे हैं।

डेटा पर नियंत्रण

कार्प ने AI से जुड़े डेटा और तकनीकी ज्ञान पर नियंत्रण को भी अहम बताया। उनके मुताबिक किसी देश को यह समझना होगा कि उसके AI सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला डेटा कहां जा रहा है और मॉडल पर किसका नियंत्रण है। अगर किसी देश की संवेदनशील जानकारी या कारोबारी ज्ञान बाहरी सिस्टम पर निर्भर हो जाता है तो रणनीतिक जोखिम पैदा हो सकता है। इसलिए AI नीति संकट का जवाब सिर्फ ज्यादा निवेश करना नहीं है। इसके साथ डेटा, मॉडल, सॉफ्टवेयर और कंप्यूटिंग क्षमता पर पर्याप्त नियंत्रण बनाना भी जरूरी है।

उनकी यह अपील ऐसे समय सामने आई है जब G20 में AI और दूसरी उभरती तकनीकों को लेकर चर्चा तेज है। अमेरिकी रुख भी AI पर अत्यधिक नए नियम बनाने के बजाय नवाचार और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने की ओर है। इसी माहौल में कार्प देशों को अपनी तकनीकी क्षमता मजबूत करने का संदेश दे रहे हैं। उनका मानना है कि AI की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे रहना किसी देश के लिए बड़ा रणनीतिक नुकसान हो सकता है और AI नीति संकट को केवल राजनीतिक बहस बनाकर इसका समाधान नहीं निकाला जा सकता।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। AI नीति और तकनीक को लेकर एलेक्स कार्प के विचार उनके सार्वजनिक वक्तव्य पर आधारित हैं और इन्हें किसी देश की आधिकारिक नीति या अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief