बाढ़ का संकट गहराया, 23 जिलों में हाहाकार, 16,784 लोग सुरक्षित बचाए
उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट गहराया, 23 जिलों में पानी का कहर, 16,784 लोग सुरक्षित निकाले गए, तीन मौतों के बाद राहत और बचाव अभियान तेज।

बाढ़ का संकट
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के 35 जिले अब तक प्रभावित हुए हैं और इनमें 23 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बुधवार को ही 3,042 लोगों को बचाया गया। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की मौत भी हुई है। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने राहत और बचाव के लिए 1,499 नाव और मोटरबोट तथा 1,067 मेडिकल टीमों को मैदान में उतारा है। [1]
राहत का बड़ा इंतजाम
सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 1,311 बाढ़ राहत शिविर बनाए हैं, जिनमें 201 फिलहाल चालू हैं। क्षतिग्रस्त मकानों से जुड़े 442 मामलों में सहायता दी गई है और 36,287 पशु भी प्रभावित हुए हैं। चित्रकूट के चौरा गांव में मंदाकिनी नदी के किनारे फंसे करीब 150 लोगों को मोटरबोट की मदद से बाहर निकाला गया। राहत टीमों ने वहां लोगों को भोजन, जरूरी सामान और चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से खतरा बढ़ने पर सुरक्षित जगह जाने को कहा है।
बलिया में गंगा और सरयू का जलस्तर बढ़ने से करीब 20,500 लोग प्रभावित बताए गए हैं। वहां 83 नावों को राहत काम में लगाया गया है। लोगों तक राशन किट, दवाइयां और पका हुआ भोजन पहुंचाया जा रहा है। राज्यभर में 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक भोजन पैकेट बांटे गए हैं। पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से ज्यादा ORS पैकेट भी वितरित किए गए हैं। बाढ़ का संकट थमने के संकेत अभी साफ नहीं हैं।
नदियों का बढ़ता पानी
पीलीभीत में शारदा, देवहा और खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बनबसा से शारदा में 2 लाख क्यूसेक से अधिक और नानक सागर से देवहा में 30,000 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। खकरा पुल डूबने से करीब 18 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लखीमपुर खीरी में मोहाना नदी के कटाव वाले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है और डूब क्षेत्र में करीब एक दर्जन मकानों को दूसरी जगह ले जाने की कार्रवाई चल रही है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और राहत अभियान बढ़ा दिया है।
बाढ़ का संकट देखते हुए पीलीभीत के पालिया में शारदा नदी खतरे के निशान 154.59 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, हालांकि जलस्तर स्थिर बताया गया। खेतों और गांवों तक जाने वाले रास्तों में पानी भर गया है। वहीं गाजियाबाद में 4 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी है और लोगों को जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। 16,784 लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद भी राहत और बचाव दल पूरी तरह सक्रिय हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बाढ़ की स्थिति, जलस्तर और प्रशासनिक आंकड़ों में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है इसलिए स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनियों और निर्देशों को प्राथमिकता दें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Varanasi, Uttar Pradesh: The Ganga water level is rising at a rate of 1 cm per hour and has reached 70.56 metres, nearing the danger mark of 71.262 metres. All 84 ghats are partially submerged, with several small temples underwater. Authorities are on alert, and boat operations… pic.twitter.com/00eYze6xzG
— IANS (@ians_india) September 3, 2026