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रेलवे की गलती से टिकट रद्द, आधी रात महिला को उतारा, मिलेगा मुआवजा

रेलवे की गलती से हुआ टिकट रद्द, महिला को आधी रात ट्रेन से उतारकर गिरफ्तार किया। जांच में मिली रेलवे की गलती, अब 2 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

थिरुवनंतपुरम, केरल। केरल में एक महिला यात्री को आरक्षित टिकट होने के बावजूद आधी रात ट्रेन से उतार दिया गया और बिना टिकट यात्रा के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया। मामला 30 जुलाई 2023 का है। महिला वडक्कनचेरी से थिरुवनंतपुरम जा रही थीं। उनके पास आरक्षित टिकट था और एस4 कोच में सीट भी तय थी। बाद में जांच में सामने आया कि मोबाइल नंबर दर्ज करने में हुई गलती के कारण टिकट की सूचना किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंची और टिकट रद्द हो गया।  [1]

टिकट कैसे हुआ रद्द

महिला जब अपनी सीट पर पहुंचीं तो वहां पहले से दूसरा यात्री बैठा था। टीटीई से पूछने पर उन्हें बताया गया कि उनका टिकट ऑनलाइन रद्द हो चुका है। महिला ने सवाल किया कि रेलवे स्टेशन से खरीदा गया टिकट उनकी जानकारी के बिना ऑनलाइन कैसे रद्द हो सकता है। उन्हें 500 रुपये जुर्माना देने पर दूसरी बर्थ देने की बात कही गई। महिला के पास नकद रकम नहीं थी। उन्होंने टिकट रद्द करने वाले व्यक्ति की जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

महिला ने बताया कि रात काफी हो चुकी थी और उन्होंने ट्रेन से नहीं उतारने की गुहार लगाई। इसके बावजूद अलुवा स्टेशन पर उन्हें आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बिना टिकट यात्रा के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया और बाद में जमानत पर छोड़ दिया। रेलवे ने बाद में यह मामला वापस ले लिया, क्योंकि जांच में सामने आया कि मामला गलत तरीके से दर्ज हुआ था। वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक की जांच में मोबाइल नंबर के एक अंक की गलती सामने आई थी।

मानवाधिकार आयोग सख्त

केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए रेलवे को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने कहा कि अकेली महिला को आधी रात ट्रेन से उतारना रेलवे अधिनियम की धाराओं 137 और 139 के तहत गलत था। आयोग ने माना कि महिला के सम्मान के साथ जीने के संवैधानिक और मानवाधिकार का भी उल्लंघन हुआ। मुआवजा 1 महीने में देने का आदेश है और जिम्मेदार अधिकारियों से रकम वसूलने की बात भी कही गई है।

महिला ने आयोग को यह भी बताया कि आरपीएफ की कार्रवाई के बाद उनका सरकारी संविदा वाला रोजगार चला गया। आयोग ने इस नुकसान को लेकर सरकार के सामने आवेदन देने को कहा है। साथ ही रेलवे को अधिकारियों के लिए तत्काल निर्देश जारी करने और महिलाओं की रात में यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। आदेश के अनुसार मुआवजा 6 सप्ताह के भीतर नहीं दिया गया तो 8 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। पूरे घटनाक्रम में टिकट रद्द होने पर हुई कार्रवाई को आयोग ने गंभीर मानते हुए रेलवे की जवाबदेही तय की है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले से जुड़े आरोपों और प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध आधिकारिक एवं समाचार स्रोतों के आधार पर दिया गया है और संबंधित पक्षों के अधिकार तथा न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief