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जर्जर स्कूल भवन पर चला बुलडोजर, 18 लाख से अब बनेगा नया स्कूल

जयपुर में जर्जर स्कूल भवन गिराया, असुरक्षित भवन के कारण बच्चों की पढ़ाई अस्थायी जगह पर चल रही थी। अब 18 लाख रुपये से नया भवन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
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जर्जर स्कूल भवन पर चला बुलडोज़र

जयपुर, राजस्थान। जर्जर स्कूल भवन की समस्या आखिरकार कार्रवाई तक पहुंच गई है। बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय की पुरानी इमारत को 2 सितंबर को बुलडोजर से गिरा दिया गया। इस भवन को सितंबर 2025 में तकनीकी जांच के बाद असुरक्षित घोषित किया गया था और इसके बाद इसे इस्तेमाल से बाहर कर दिया गया। बच्चों की पढ़ाई गांव वालों की ओर से उपलब्ध कराई गई अस्थायी जगह में चल रही थी। अब सरकार ने नए भवन के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए हैं।  [1]

स्कूल की बदहाली

पुरानी इमारत असुरक्षित घोषित होने के बाद बच्चों की कक्षाएं वैकल्पिक व्यवस्था में चलने लगी थीं। रिपोर्टों के मुताबिक गांव वालों ने बच्चों के लिए 2 कमरे और एक टिन शेड की व्यवस्था की थी। इसी परिसर के आसपास भैंसें भी बांधी जाती थीं। इससे स्कूल की बदहाली और बच्चों के लिए पढ़ाई के माहौल पर सवाल उठे। 21 अगस्त को CJP की टीम स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी। इस दौरान टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ और मारपीट तथा पथराव के आरोप सामने आए। घटना के बाद मामला और चर्चा में आ गया।

विवाद के बाद सरकार ने नए भवन के लिए 18 लाख रुपये की मंजूरी दी। इसमें 12 लाख रुपये District Mineral Foundation Trust और 6 लाख रुपये विधायक निधि से स्वीकृत किए गए हैं। इसके बाद पुरानी इमारत को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी और 2 सितंबर को उसे ध्वस्त कर दिया गया। अब उसी जगह नया स्कूल भवन बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित भवन में 2 कमरे और शौचालय बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल बच्चे स्थानीय निवासी की ओर से उपलब्ध कराई गई जगह पर पढ़ रहे हैं। स्थायी भवन बनने तक यही अस्थायी व्यवस्था जारी रहने की बात कही गई है।

नए भवन की तैयारी

जर्जर स्कूल भवन हटने के बाद अब गांव वालों और बच्चों की उम्मीद नए निर्माण पर टिकी है। प्रशासन की ओर से मंजूर 18 लाख रुपये से नया भवन तैयार किया जाना है। स्थानीय लोगों ने पुराने ढांचे को हटाने और नया स्कूल बनाने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित जगह पर पढ़ने का अधिकार है और लंबे समय से चली आ रही परेशानी अब खत्म होनी चाहिए। पुरानी इमारत पहले ही असुरक्षित घोषित हो चुकी थी इसलिए उसे हटाकर नया ढांचा बनाना जरूरी माना गया।

इस मामले ने ग्रामीण सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा किया है। CJP ने स्कूल की हालत को अपनी School Thik Karo मुहिम में उठाया था और अब पुराने भवन के गिराए जाने को अभियान की सफलता बताया है। हालांकि 21 अगस्त की घटना को लेकर CJP और स्थानीय लोगों की ओर से अलग अलग दावे सामने आए हैं। इन आरोपों से अलग अब जर्जर स्कूल भवन हट चुका है और नए निर्माण के लिए राशि स्वीकृत है। असली इंतजार इस बात का है कि बच्चों को नया सुरक्षित स्कूल भवन कब मिलता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। 21 अगस्त की घटना को लेकर संबंधित पक्षों के आरोप और दावे अलग अलग हैं इसलिए उन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief