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डाकघर बंद, सवालों में व्यवस्था, सरकारी भवन का इंतजार

डाकघर बंद रहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी है और सरकारी भवन उपलब्ध होने के बावजूद शाखा डाकघर के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

By अजय त्यागी
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डाकघर बंद

डाकघर बंद

नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। डाकघर बंद रहने से छाजा की नांगल और रामसिंहपुरा पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण परेशान होने का दावा सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार शाखा डाकघर अनिश्चित समय पर खुलता है और कई बार बंद मिलता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंचायत की ओर से संचालन के लिए सरकारी भवन उपलब्ध कराया जा चुका है फिर भी डाकघर निजी आवास के ऊपरी हिस्से में चल रहा है। इससे रजिस्ट्री, मनी ऑर्डर, पेंशन, बचत योजनाओं और आधार से जुड़े कामों के लिए लोगों को बार बार लौटना पड़ता है।

निजी भवन से दिक्कत

ग्रामीणों का कहना है कि निजी मकान की ऊंचाई के कारण वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग लोगों के लिए डाकघर तक पहुंचना आसान नहीं है। सीढ़ियां चढ़ने की परेशानी के साथ अगर शाखा बंद मिल जाए तो लोगों की मुश्किल और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई जरूरी डाक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को दोबारा आना पड़ता है। ऐसे में समय और आने जाने का खर्च दोनों बढ़ते हैं। ग्रामीण इस व्यवस्था को बदलने की मांग लगातार उठा रहे हैं।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि शाखा डाकघर को पंचायत द्वारा उपलब्ध कराए गए सरकारी भवन में तत्काल शिफ्ट किया जाए। उनका कहना है कि सरकारी भवन में संचालन होने से लोगों को अधिक सुविधाजनक माहौल मिल सकता है और पहुंच की समस्या भी कम होगी। उपलब्ध रिकॉर्ड में छाजा की नांगल शाखा डाकघर का पिनकोड 332718 दर्ज है। ऐसे में स्थानीय लोगों की शिकायत केवल सुविधा तक सीमित नहीं बल्कि नियमित सरकारी सेवा मिलने से भी जुड़ी है।

कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि शाखा के संचालन की स्थिति की जांच हो और जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि डाकघर बंद रहने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो पेंशन, बचत योजनाओं, रजिस्ट्री या अन्य जरूरी सेवाओं के लिए शाखा पर निर्भर हैं। सरकारी भवन उपलब्ध होने के बावजूद मौजूदा व्यवस्था जारी रहने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों की शिकायत का केंद्र नियमित सेवा और सही स्थान पर संचालन है। उपलब्ध तथ्यों के मुताबिक पंचायत स्तर पर सरकारी भवन देने की पहल की जा चुकी है लेकिन शाखा अभी निजी आवास के ऊपरी हिस्से में संचालित होने का दावा है। अब नजर डाक विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर है। यदि शिकायतों की जांच में अनियमितता सामने आती है तो व्यवस्था सुधारने की जरूरत होगी। फिलहाल डाकघर बंद रहने से परेशान ग्रामीण सरकारी भवन में नियमित संचालन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। डाकघर के बंद रहने, निजी भवन में संचालन और सरकारी भवन उपलब्ध होने संबंधी बातें उपलब्ध कराए गए तथ्यों तथा स्थानीय शिकायतों के आधार पर प्रस्तुत की गई हैं जिनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief