कथक में कृष्णलीला दिखाएंगे कलाकार, हवेली संगीत से गूंजेगा समारोह
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कोटा में कला और भक्ति का खास रंग दिखेगा, कथक में कृष्णलीला दिखाएंगे कलाकार, और हवेली संगीत भी सुनाई देगा।

पोस्टर का विमोचन
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर कोटा में कथक में कृष्णलीला का मनोहारी मंचन देखने को मिलेगा। मुखिया मदनलाल जोशी स्मृति संस्थान की ओर से 6 सितंबर को श्री वल्लभम् कथक समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 4.30 बजे से कैरियर पॉइंट ऑडिटोरियम, न्यू कोटा स्टेशन रोड नंबर 1 में होगा। संस्थान के अध्यक्ष दामोदर शांडिल्य के अनुसार समारोह भारतीय कला, संस्कृति, कथक और हवेली संगीत के संगम का मंच बनेगा। कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने किया।
कृष्ण लीला का मंच
समारोह में कथक गुरु और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कलाकार बरखा जोशी के शिष्य भगवान श्रीकृष्ण की अलग अलग लीलाओं को नृत्य के जरिए पेश करेंगे। यह आयोजन स्वर्गीय हवेली संगीत मर्मज्ञ मुखिया मदनलाल जोशी की पुण्य स्मृति में हो रहा है। बरखा जोशी उनकी सुपौत्री हैं और लंबे समय से कथक साधना से जुड़ी हैं। आयोजन में भारतीय परंपरा और भक्ति भाव को नृत्य की अभिव्यक्ति से जोड़ने की कोशिश होगी। आयोजकों का कहना है कि कथक में कृष्णलीला कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए समारोह का बड़ा आकर्षण बनेगी।
कार्यक्रम में ख्यातनाम हवेली संगीतज्ञ भुवनेश कुमार शर्मा श्याम जी शास्त्री का गायन भी खास आकर्षण रहेगा। हवेली संगीत और कथक की प्रस्तुतियों के जरिए समारोह में भक्ति और शास्त्रीय कला का मेल देखने को मिलेगा। इसके अलावा कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले ख्यातनाम कलावंतों और समर्पित कलाकारों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। श्री बड़े महाप्रभुजी मंदिर के श्री श्री 108 गोस्वामी विनय कुमार जी महाराज के आशीर्वचन और श्री श्री 108 गोस्वामी शरद कुमार जी महाराज की अध्यक्षता में समारोह आयोजित होगा।
मेहमानों की मौजूदगी
समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी, कैरियर पॉइंट के निदेशक प्रो. ओम माहेश्वरी और नई दिल्ली के कथक गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहेंगे। पोस्टर विमोचन के दौरान राजेश कृष्ण बिरला ने भारतीय कला और संस्कृति को अमूल्य धरोहर बताते हुए ऐसे आयोजनों को नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने वाला मंच बताया। आयोजकों के मुताबिक कलाकारों की प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह की प्रमुख गतिविधियां रहेंगी।
कोटा में आयोजित होने वाला यह समारोह कथक में कृष्णलीला और हवेली संगीत के जरिए भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने की कोशिश करेगा। बरखा जोशी के शिष्यों की प्रस्तुतियों में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को कथक के भाव और नृत्य के जरिए साकार किया जाएगा। साथ ही अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी और सम्मान समारोह को लेकर भी कला प्रेमियों में उत्सुकता है। 6 सितंबर की शाम को होने वाला आयोजन उन दर्शकों के लिए खास हो सकता है जो शास्त्रीय नृत्य और भक्ति संगीत को करीब से देखना चाहते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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