जैन संस्कार विधि में 15 की तपस्या का तप संपूर्ति अनुष्ठान
चेंबूर में 15 की तपस्या पूरी होने पर जैन संस्कार विधि से पारणा कराया गया, मंगल मंत्रों के बीच परिवार और समाजजनों ने तपस्वी की अनुमोदना की।

जैन संस्कार विधि
मुंबई, महाराष्ट्र। जैन संस्कार विधि के माध्यम से चेंबूर के पुखराजजी गेलढ़ा की 15 की तपस्या का तप संपूर्ति अनुष्ठान 3 सितंबर 2026 को उनके निवास स्थान पर सम्पन्न हुआ। पूज्य प्रवर की कृपा और युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री निर्वाणश्रीजी आदि ठाणा 6 की प्रेरणा से यह आयोजन हुआ। वाशी के जैन संस्कारक श्री जसराजजी छाजेड़ और महावीरजी सोनी ने विशिष्ट मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ पारणा करवाया। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुई।
तप की हुई अनुमोदना
अनुष्ठान के दौरान संस्कारकों ने निर्धारित विधि विधान और मंगल मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम को संपन्न करवाया। तपस्वी भाई ने संकल्प स्वीकार किए और परिवारजनों ने पूरे आयोजन में उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। संस्कारकों ने मंगल भावना यंत्र तथा जैन संस्कार विधि की महत्ता और उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी। परिवार को इस विधि से पारणा कराने के निर्णय के लिए बधाई दी गई। मौजूद परिजनों ने प्रक्रिया को ध्यान से सुना और देखा तथा आयोजन की सरल और संस्कारपूर्ण पद्धति में रुचि दिखाई।
कार्यक्रम के दौरान परिवारजनों ने संस्कारकों और उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। तेरापंथ युवक परिषद चेंबूर के अध्यक्ष हिमांशु गन्ना और मंत्री कपिल मेहता ने तपस्वी भाई को शुभकामनाएं दीं और मंगल भावना यंत्र प्रदान किया। इसकी विधिवत स्थापना भी की गई। परिवारजनों ने आए हुए सभी परिजनों, तेरापंथ युवक परिषद और जैन संस्कार विधि संस्कारकों का आभार जताया। तप अनुमोदना के क्रम में परिवारजनों ने विभिन्न त्याग के माध्यम से तपस्वी बहन का पारणा करवाया।

संस्कार विधि का संदेश
जैन संस्कार विधि अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद से जुड़ा प्रकल्प है और परिषद की आधिकारिक जानकारी में जैन संस्कृति विधि के प्रसार को उसके कार्यों में शामिल बताया गया है। TTerapanth इस आयोजन में भी इसी विधि के जरिए तप संपूर्ति और पारणा कराया गया। कार्यक्रम में तेयुप अध्यक्ष हिमांशु गन्ना और मंत्री कपिल मेहता की उपस्थिति रही। नमस्कार महामंत्र से शुरू हुआ यह आयोजन मंगल पाठ के उच्चारण के साथ सम्पन्न हुआ और परिवार के लिए आध्यात्मिक रूप से विशेष अवसर बना।
15 की तपस्या की पूर्णता के अवसर पर हुए इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ परिवार और समाज की सहभागिता भी नजर आई। जैन संस्कार विधि के जरिए पारणा कराने से कार्यक्रम को विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ पूरा किया गया। मंगल भावना यंत्र की स्थापना और तप अनुमोदना के क्रम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। परिवारजनों ने संस्कारकों की भूमिका की सराहना की। चेंबूर में जैन संस्कार विधि के ऐसे आयोजनों की निरंतरता से धार्मिक अवसरों को संस्कारपूर्ण तरीके से मनाने का संदेश भी सामने आता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस आयोजन से संबंधित नाम, तपस्या की अवधि, धार्मिक विधि और सहभागिता की जानकारी उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर प्रस्तुत की गई है और इसके स्वतंत्र आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले हैं। धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े विवरणों को संबंधित परंपरा के संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।