शर्मनाक! महिला को निर्वस्त्र घुमाया, बाल काटे, पति समेत 7 हिरासत में
राजस्थान में एक महिला को निर्वस्त्र घुमाया गया, पति और 6 अन्य हिरासत में, कपड़े फाड़ने और बाल काटने के आरोप, पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की।

प्रतीकात्मक फोटो
बांसवाड़ा, राजस्थान। एक महिला को निर्वस्त्र घुमाया गया और वजह बताई गई घर से एक युवक के साथ जाना। बांसवाड़ा के आंजना गांव में 1 सितंबर को एक आदिवासी महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, बाल काटे गए और कपड़े फाड़कर गांव में घुमाया गया। पुलिस के मुताबिक महिला के पति और रिश्तेदारों को शक था कि वह किसी दूसरे युवक के साथ चली गई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि वह उस युवक के साथ मजदूरी करने गई थी। अब पति समेत 7 लोग हिरासत में हैं और 10 लोगों पर मामला दर्ज हुआ है। [1]
गांव बना तमाशबीन
महिला को निर्वस्त्र घुमाया जाने का मामला सामने आने के बाद सबसे चुभने वाली बात सिर्फ कथित हिंसा नहीं है, बल्कि यह भी है कि महिला को गांव में पैदल घुमाए जाने के दौरान लोग देखते रहे और कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। यानी किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई, लेकिन कैमरा चलाने की हिम्मत जरूर दिखाई। पुलिस के अनुसार महिला के बाल काटे गए और उसके कपड़े फाड़े गए। महिला ने बाद में थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया और बयान दर्ज किए।
पति और उसके रिश्तेदारों पर महिला को निर्वस्त्र घुमाया जाने का आरोप है और पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। महिला के मुताबिक वह युवक के साथ किसी प्रेम प्रसंग के लिए नहीं बल्कि मजदूरी के लिए गई थी। दूसरी तरफ पति और उसके परिवार की ओर से उसके घर छोड़कर जाने की बात कही गई। असली वजह जो भी रही हो, किसी महिला को सरेआम अपमानित करना कानून और इंसानियत दोनों के प्रति सवाल खड़े करता है। रिश्तों के विवाद का फैसला भीड़ के हाथ में देने का नतीजा कितना भयावह हो सकता है, यह घटना यही दिखाती है।
कानून से पहले पंचायत
पुलिस ने महिला की शिकायत पर पति और परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पति समेत 6 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के जरिए दूसरे आरोपियों की पहचान की जाएगी और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। यहां व्यंग्य बस इतना है कि गांव में कानून की किताब शायद किसी को याद नहीं थी, लेकिन सजा सुनाने और तमाशा देखने वालों की कमी नहीं थी। अब वही मामला पुलिस और कानून के सामने है।
इस घटना में महिला को किस मानसिकता के तहत निर्वस्त्र घुमाया गया, यह जांच का विषय है। लेकिन इतना साफ है कि किसी व्यक्ति के निजी रिश्ते को लेकर विवाद हो तो उसका फैसला मारपीट, कपड़े फाड़ने या सार्वजनिक अपमान नहीं हो सकता। पुलिस जांच यह तय करेगी कि किसकी क्या भूमिका थी और आरोप कितने सही हैं। फिलहाल महिला के बयान, मेडिकल जांच और वीडियो अहम सबूत माने जा रहे हैं। उम्मीद यही होनी चाहिए कि इस बार मोबाइल कैमरे से बनी तस्वीर सिर्फ सनसनी न बने, बल्कि दोषियों तक कानून को पहुंचने का रास्ता भी दिखाए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। महिला और आरोपितों से संबंधित आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।