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दूरबीन सर्जरी से रोबोटिक तकनीक तक, देशभर के डॉक्टर करेंगे मंथन

दूरबीन सर्जरी के बड़े सम्मेलन में 500 से अधिक सर्जन जुटेंगे, लाइव ऑपरेशन और रोबोटिक तकनीक से युवा डॉक्टरों को नई सर्जरी सीखने का मौका मिलेगा।

By अजय त्यागी
1 min read
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जानकारी देते अधिकारीगण

जानकारी देते अधिकारीगण

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। 5 और 6 सितंबर को भीलवाड़ा में देशभर के 500 से अधिक सर्जन्स आधुनिक शल्य चिकित्सा की नई तकनीकों पर मंथन करेंगे। RAMAS 2026 में लाइव ऑपरेशन से लेकर रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक कई विषयों पर चर्चा होगी। दूरबीन सर्जरी के जरिए छोटे छिद्रों से ऑपरेशन करने की तकनीक भी विस्तार से समझाई जाएगी। यानी जहां कभी सर्जरी का मतलब बड़ा चीरा और लंबा आराम माना जाता था वहां अब छोटे छेद और हाईटेक उपकरणों की कहानी सुनाई जाएगी। आयोजन की तारीख 5 और 6 सितंबर 2026 बताई गई है।

लाइव ऑपरेशन 

सम्मेलन में जयपुर उदयपुर सहित विभिन्न शहरों के चयनित ऑपरेशन थिएटर से लाइव ऑपरेटिव टेलीकास्ट किया जाएगा। विशेषज्ञ ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाली तकनीक उसके अहम चरण और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे। गॉल ब्लैडर स्टोन जटिल अपेंडिक्स तथा अलग अलग प्रकार के हर्निया की आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीकों पर लाइव और वीडियो सेशन होंगे। दूरबीन सर्जरी का यह प्रदर्शन युवा डॉक्टरों को किताबों और तस्वीरों से आगे वास्तविक प्रक्रिया समझने का मौका देगा। यानी मेडिकल ज्ञान इस बार मंच पर बैठे डॉक्टरों के सामने सीधे ऑपरेशन थिएटर से पहुंचेगा।

लेजर प्रोक्टोलॉजी और स्त्री रोग सर्जरी पर भी विशेष सत्र होंगे। पाइल्स फिस्टुला फिशर और पाइलोनाइडल साइनस के आधुनिक उपचार पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। स्त्री रोग में गर्भाशय की गांठ फाइब्रॉयड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी और चयनित ऑपरेशन की तकनीक भी दिखाई और समझाई जाएगी। इन सत्रों के समन्वय में डॉ. संगीता काबरा और डॉ. मनीषा बहर प्रमुख भूमिका निभाएंगी। मतलब बीमारी चाहे पुरानी हो लेकिन उसके इलाज की तकनीक अब पुराने तरीके से चलने को तैयार नहीं दिख रही। डॉक्टर भी नई तकनीक के साथ कदम मिलाने की तैयारी में हैं।

रोबोट और AI की एंट्री

सम्मेलन में रोबोटिक सर्जरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एडवांस्ड लैप्रोस्कोपी मास्टर वीडियो और पैनल डिस्कशन भी प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजन समिति के अनुसार उद्देश्य आधुनिक तकनीकों और सर्जिकल अनुभव को ज्यादा से ज्यादा चिकित्सकों तक पहुंचाना है। RAMAS के सम्मेलन में देशभर से विशेषज्ञ अपने अनुभव और ऑपरेटिव कौशल साझा करेंगे। दूरबीन सर्जरी के साथ तकनीक का यह मेल चिकित्सा क्षेत्र के बदलते दौर की तस्वीर दिखाएगा। व्यंग्य की भाषा में कहें तो अब डॉक्टरों की पढ़ाई में सिर्फ किताब और स्टेथोस्कोप नहीं बल्कि कैमरा स्क्रीन रोबोट और AI भी साथी बनते जा रहे हैं।

आयोजन की कमान ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. कैलाश काबरा सहित वरिष्ठ सर्जन्स संभाल रहे हैं। डॉ. पंकज अग्रवाल सचिव डॉ. भूपत सोरानी ट्रेजरर डॉ. पवन बंसल को चेयरमैन डॉ. कैलाश भंडारी एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और डॉ. आर.एस. सोमानी साइंटिफिक चेयरमैन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज सरकारी और निजी अस्पतालों के वरिष्ठ सर्जन्स फैकल्टी तथा रेजिडेंट डॉक्टर्स भी आयोजन में सहयोग करेंगे। यानी सम्मेलन की तैयारी भी सामूहिक सर्जरी जैसी है जिसमें हर सदस्य की भूमिका जरूरी मानी जा रही है।

युवा डॉक्टरों को मौका

देशभर से आने वाले विशेषज्ञ युवा सर्जन्स और रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ नई तकनीक और ऑपरेटिव अनुभव साझा करेंगे। इससे डॉक्टरों को आधुनिक प्रक्रियाओं को करीब से समझने और अपने कौशल को बेहतर करने का अवसर मिलेगा। आयोजन समिति का कहना है कि उद्देश्य केवल सम्मेलन करना नहीं बल्कि मिनिमल एक्सेस सर्जरी की तकनीक को ज्यादा चिकित्सकों तक पहुंचाना है। दूरबीन सर्जरी की बारीकियों को समझने वाले युवा डॉक्टर आगे अपने काम में इसका इस्तेमाल कर सकें यही इस आयोजन की बड़ी उम्मीद है। आखिर सम्मेलन की असली सफलता तालियों से ज्यादा ऑपरेशन थिएटर में दिखाई देगी।

कृष्णा हॉस्पिटल सम्मेलन के सचिवालय के रूप में आयोजन की मेजबानी करेगा। RAMAS 2026 को संगठन का 18वां वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन बताया गया है। कार्यक्रम में फाउंडर प्रेसिडेंट डॉ. ए.के. माथुर और स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. उमेश दत्ता शर्मा सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मार्गदर्शन देंगे। दूरबीन सर्जरी के इस आयोजन में भीलवाड़ा का पूरा सर्जिकल समुदाय एक टीम के रूप में काम करने की तैयारी में है। सम्मेलन से उम्मीद है कि नई तकनीकों का ज्ञान ज्यादा डॉक्टरों तक पहुंचेगा और आखिरकार इसका फायदा आम मरीजों तक भी पहुंच सकेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सर्जिकल तकनीकों के संभावित लाभ हर मरीज की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं और किसी उपचार या ऑपरेशन का निर्णय केवल योग्य चिकित्सक की सलाह से ही लिया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief