कॉरपोरेट मित्र बदलेगा अनुपालन की तस्वीर, जानिए कैसे मिलेगी मदद
कॉरपोरेट मित्र से MSME कारोबारियों को अनुपालन में मदद, 2,879 शिक्षार्थियों का पहला बैच शुरू, 12 महीने के प्रशिक्षण से नियम समझना आसान होगा।


प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। कॉरपोरेट मित्र नामक पहल को छोटे कारोबारियों के लिए नियमों की जटिलता कम करने और जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का लक्ष्य अनुपालन को डर या बोझ के बजाय कारोबार में भरोसे, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला साधन बनाना है। यह पहल माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSMEs को कारोबारी और नियामकीय जरूरतों में सस्ती पेशेवर मदद दिलाने के लिए प्रशिक्षित और प्रमाणित पैराप्रोफेशनल तैयार करेगी। [1]
पहला बैच शुरू हुआ
कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम का पहला बैच शुरू हो चुका है और इसमें 2,879 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। मंत्रालय के मुताबिक, कार्यक्रम की लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम शुरुआत के साथ प्रशिक्षण और क्षमता विकास का चरण आगे बढ़ा है। इस पहल की घोषणा सरकार ने यूनियन बजट 2026-27 में की थी। इसमें इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की विशेषज्ञता को आईआईटी मद्रास, आईआईटी मद्रास प्रवर्तक और स्वयं प्लस के तकनीकी तथा शैक्षणिक सहयोग से जोड़ा गया है।
कॉरपोरेट मित्र का मकसद MSMEs के लिए अनुपालन संबंधी काम को ज्यादा समझने योग्य और किफायती बनाना है। तैयार किए जाने वाले प्रमाणित पैराप्रोफेशनल छोटे कारोबारों को कारोबारी और नियामकीय अनुपालनों को संभालने में सहायता देंगे। सरकार के अनुसार, इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिल सकता है और रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं। कार्यक्रम का एक बड़ा उद्देश्य उन छोटे उद्यमों को पेशेवर सहयोग उपलब्ध कराना है, जिन्हें अनुपालन मामले में महंगी विशेषज्ञ सेवाएं लेना मुश्किल पड़ता है। इससे कारोबार को औपचारिक बनाने में मदद मिलेगी।
12 महीने में पूरा होगा
पाठ्यक्रम की कुल अवधि 12 महीने रखी गई है और इसे 2 चरणों में बांटा गया है। पहले 6 महीने में करीब 150 घंटे की संरचित पढ़ाई होगी, जो रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर के जरिए कराई जाएगी। इसके बाद 6 महीने का ऑन द जॉब प्रशिक्षण होगा, जिसमें ICAI, ICSI और ICoAI के सदस्यों की पेशेवर फर्मों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा। डिजिटल सिस्टम में विशेषज्ञों के रिकॉर्डेड लेक्चर, संदर्भ सामग्री, आकलन, घोषणाएं, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और चर्चा मंच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
सरकार इस पहल के जरिए अनुपालन की सोच को बदलने पर जोर दे रही है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव अनिता शाह अकेला ने कहा कि कॉरपोरेट मित्र का उद्देश्य अनुपालन को कम डरावना बनाना और उद्यमियों के लिए ज्ञान को अधिक सुलभ करना है। उनका जोर इसे बोझ से बदलकर भरोसे, पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्थित विकास का सहायक बनाने पर है। ऐसे में कॉरपोरेट मित्र छोटे कारोबारों के लिए पेशेवर सहयोग का नया रास्ता बन सकता है और MSME तंत्र को अधिक सक्षम बनाने में भूमिका निभा सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। योजना की पात्रता, प्रशिक्षण प्रक्रिया और अन्य शर्तों से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए संबंधित सरकारी संस्थानों की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।