समूहगान प्रतियोगिता में छात्रों का जलवा, संस्कार और अनुशासन का संदेश
छात्रों की देशभक्ति से सजी प्रस्तुतियों ने माहौल बदला, समूहगान प्रतियोगिता में राष्ट्रभावना के साथ संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। भारत विकास परिषद की शाखा नीमकाथाना की ओर से वरदा स्मार्ट स्कूल के सभागार में राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता आयोजित की गई। अलग अलग विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने देशभक्ति और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद अतिथियों और दर्शकों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं के सामने दीप प्रज्ज्वलन से हुई। संस्कृत विद्वान पंडित कौशल दत्त शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत शुभारंभ कराया।
देशप्रेम की गूंज
भारत विकास परिषद नीमकाथाना शाखा के अध्यक्ष डॉ. जी.एस. तंवर ने स्वागत भाषण दिया। शाखा सचिव दिनेश गोयल ने परिषद की सेवा गतिविधियों, प्रगति और अलग अलग कार्यों का विस्तृत ब्यौरा सामने रखा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांतीय अध्यक्ष उत्तर पूर्व प्रांत डॉ. एस.एस. अग्रवाल, सीकर जिला संयोजक जी.एल. शर्मा और भारत विकास परिषद शाखा सीकर के अध्यक्ष दिलीप पारीक मौजूद रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में कल्याण प्रसाद मीणा, पंडित कौशल शर्मा और गिरधारी लाल डावर ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा के साथ निभाने और चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने मेहनत और अनुशासन को जीवन का जरूरी हिस्सा बनाने पर जोर दिया। साथ ही भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं के मुताबिक संस्कारवान और जिम्मेदार युवा ही देश के भविष्य को मजबूत आधार दे सकते हैं। इस आयोजन के जरिए विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और एकता की भावना बढ़ाने पर जोर रहा।
एकता का संकल्प
प्रतियोगिता का मकसद केवल मंच पर गायन तक सीमित नहीं रहा बल्कि विद्यार्थियों को देश के प्रति जिम्मेदारी समझाने पर भी जोर दिया गया। समूहगान के जरिए एकता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को सामने लाया गया। आयोजन में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और देशभक्ति से भर दिया। कार्यक्रम से जुड़े वक्ताओं ने युवाओं को अपने व्यवहार और मेहनत से समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण बनने की प्रेरणा दी। पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विद्यार्थियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
आयोजन के समापन संदेश में संस्कार, चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को युवा जीवन की मजबूत नींव बताया गया। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे पढ़ाई के साथ अपने सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों को भी समझें। समूहगान के जरिए सामने आई प्रस्तुतियों ने यही संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास से एकता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। नीमकाथाना में हुआ यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ देश और समाज के प्रति जुड़ाव समझने का अवसर भी बना।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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