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युवा उड़ान बनी युवाओं की नई आवाज, आत्मविश्वास और करियर पर फोकस

युवाओं के करियर और रोजगार की चिंता के बीच डॉ. नरसिंह बिनानी की पुस्तक युवा उड़ान का लोकार्पण हुआ, जिसमें लक्ष्य, आत्मविश्वास और तकनीक से आगे बढ़ने का संदेश मिला

By अजय त्यागी
1 min read
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पुस्तक का लोकार्पण

बीकानेर, राजस्थान। माहेश्वरी सभा शहर बीकानेर और बीजेएस रामपुरिया जैन कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी की पुस्तक "युवा उड़ान" का लोकार्पण समारोह गरिमापूर्ण माहौल में हुआ। विकास पब्लिकेशन से प्रकाशित मोटिवेशनल आर्टिकल्स की इस पुस्तक को युवाओं की चुनौतियों और संभावनाओं से जोड़कर देखा गया। समारोह में पूर्व प्राचार्य और वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर डॉ. उमाकांत गुप्त ने अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि दीपक अग्रवाल और सुनील सारड़ा रहे। वरिष्ठ कवि कथाकार राजेन्द्र जोशी और कमल रंगा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

सपनों को मिले पंख

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि युवा अपने सपनों को केवल सोच तक सीमित न रखें बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ें। दीपक अग्रवाल ने पुस्तक को युवाओं को प्रेरित करने वाली उद्देश्यपूर्ण कृति बताया। सुनील सारड़ा ने सकारात्मक सोच को जरूरी बताते हुए कहा कि यह पुस्तक नई पीढ़ी में सकारात्मक नजरिया विकसित करने में उपयोगी हो सकती है। राजेन्द्र जोशी ने लक्ष्य तय करने और लगातार प्रयास करते रहने पर जोर दिया। कमल रंगा ने युवाओं की आकांक्षाओं को दिशा देने में पुस्तक की उपयोगिता बताई।

लेखक डॉ. नरसिंह बिनानी ने कहा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा का है और बड़ी संख्या में युवा रोजगार की चुनौती से जूझ रहे हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह पुस्तक लिखी है। उन्होंने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के रास्तों के साथ नवीनतम सूचना तकनीक और संचार का ज्ञान हासिल करने की सलाह दी। उनका कहना था कि सोच और सपने ऊंचे होने चाहिए तथा सफलता के लिए हौसला बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने गीता के संदेशों का उल्लेख करते हुए युवाओं को कर्म और प्रयास की सीख दी।

नई राह दिखाती किताब

पुस्तकीय टीप में शंकर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि यह कृति "युवा उड़ान" युवाओं के भीतर छिपी ऊर्जा को जगाने और उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास करती है। शिक्षाविद डॉ. कृष्णा गहलोत ने इसे कैरियर निर्माण की दृष्टि से उपयोगी बताया। उनके अनुसार पुस्तक सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास की प्रेरणा देती है। समारोह में डॉ. पूजा जैन और पूर्व प्रोफेसर मांगीलाल लुणिया सहित अन्य वक्ताओं ने भी पुस्तक की विषयवस्तु और उद्देश्य पर विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई।

समारोह में उद्योग व्यापार, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। वरिष्ठ प्रोफेसर सुमेर चंद जैन का उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों के साथ अभिनंदन किया। अतिथियों और पुस्तक के लेखक का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन लेखक कवि इंजी. गिरिराज पारीक ने किया और डॉ. शालिनी आरी ने आभार जताया। आयोजन का मूल संदेश यही रहा कि बदलते दौर में युवाओं को आत्मविश्वास, तकनीकी समझ और निरंतर प्रयास के सहारे आगे बढ़ना चाहिए। "युवा उड़ान" इसी सोच को केंद्र में रखती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पुस्तक की उपयोगिता और प्रभाव से संबंधित विचार समारोह में मौजूद वक्ताओं के हैं और इन्हें स्वतंत्र विशेषज्ञ मूल्यांकन नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief