42 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी, CBI ने 5 और आरोपियों को पकड़ा
42 करोड़ से अधिक की डिजिटल अरेस्ट ठगी, CBI ने 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन चक्र 6 में कुल 8 गिरफ्तारियां। 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर तलाशी ली गई।


प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट ठगी से जुड़े 3 मामलों में CBI ने 5 और लोगों को गिरफ्तार किया है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन मामलों में पीड़ितों से 42 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी हुई है और अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 8 हो गई है। यह कार्रवाई संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्र 6 के तहत हुई। इससे पहले जांच एजेंसी ने 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर तलाशी ली थी। [1]
पैसों का जाल
CBI के मुताबिक नए गिरफ्तार आरोपी ठगी की रकम हासिल करने, उसे कई खातों में भेजने और पैसों का रास्ता छिपाने में कथित तौर पर शामिल थे। मध्य प्रदेश के इटारसी के संकेत बस्तवार और पंकज दामड़े पर बैंक खाता हासिल कर उसमें रकम मंगाने और फिर उसे दूसरे खातों में भेजने का आरोप है। नई दिल्ली के आरिफ उर्फ किंग भाई, हरीश पुरुषोत्तम यादव उर्फ हैरी और गाजियाबाद के शशांक सिंह उर्फ रवि पर भी रकम को कई खातों में घुमाने का आरोप लगाया गया है।
जांच में एक खतरनाक तरीका भी सामने आया है। CBI के अनुसार, आरोपियों ने एक खाताधारक के मोबाइल में कथित तौर पर एक APK फाइल इंस्टॉल की थी। इसके जरिए बैंक से आने वाले SMS अलर्ट हासिल किए गए और खाते को छिपकर संचालित किया गया। एजेंसी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस संगठित नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। तीनों मामलों में BITS Pilani, गुजरात और कर्नाटक के पीड़ित शामिल हैं, जिन्हें पुलिस अधिकारी बनकर लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट में रखने का आरोप है।
ठगी की रकम
BITS Pilani मामले में पीड़ित को कथित तौर पर 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और 7.67 करोड़ रुपये की ठगी हुई। गुजरात के मामले में भी पीड़ित को 3 महीने तक इसी तरह डराकर रखा गया और उससे 19.24 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। कर्नाटक में एक पीड़ित को करीब 1 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखने के बाद 15.45 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। इन तीनों मामलों में पहले ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।
जांच में पैसों को अलग अलग खातों में तेजी से घुमाने की भूमिका भी सामने आई है। हरियाणा के आकाश पर 1.95 करोड़ रुपये एक खाते में लेकर उसी दिन दूसरे खातों में भेजने का आरोप है। कोलकाता के राजा कर्मकार की फर्म के खाते में 1.5 करोड़ रुपये आने की बात सामने आई है। वहीं ज्योति रानी पर खाते में आई रकम का कुछ हिस्सा नकद निकालने और बाकी रकम दूसरे खातों में भेजने का आरोप है। CBI की कार्रवाई से साफ है कि डिजिटल अरेस्ट ठगी के पीछे कई स्तरों वाला नेटवर्क काम कर रहा था।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आरोपों और गिरफ्तारियों का अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा और गिरफ्तार आरोपियों को दोषसिद्धि तक निर्दोष मानना कानूनी सिद्धांत है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।