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30 साल से फरार ठग पकड़ा तो सामने आए पांच नाम और 17 मामलों का जाल

30 साल से फरार ठग सम एंटनी पांच नामों और फर्जी अफसर की पहचान से पुलिस को चकमा देता रहा, अब 17 मामलों की जांच में उसके पुराने राज खुल रहे हैं।

By अजय त्यागी
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30 साल से फरार आरोपी

30 साल से फरार आरोपी

कन्नूर, केरल। 30 साल से फरार ठग सम एंटनी उर्फ सम पीटर को मंगलुरु सिटी पुलिस ने 1 सितंबर को कन्नूर से पकड़ा। 64 वर्षीय एंटनी पर कई राज्यों में ठगी और फर्जी पहचान के मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक वह अलग अलग नामों से खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताता था। कभी वह NIA या RAW से जुड़ा होने का दावा करता तो कभी NCIB अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करता। सम एंटनी के पास फर्जी पासपोर्ट और पहचान पत्र भी मिले थे। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने उसके खिलाफ 17 मामलों की जानकारी जुटाई है।  [1]

नामों का जाल

पुलिस के मुताबिक एंटनी ने Sam Peter, Rahul Peter, Danny Tharakkan, Rajesh Robinson और Anthony Francis जैसे नाम इस्तेमाल किए। उसकी खासियत थी कि वह कपड़े पहनने के ढंग, धाराप्रवाह अंग्रेजी और कानून की जानकारी से सामने वाले पर असर डालता था। पुलिस का कहना है कि वह आर्थिक विवाद, बैंक धोखाधड़ी और टैक्स मामलों में फंसे कारोबारियों को निशाना बनाता था। वह दावा करता कि केंद्रीय एजेंसी की मदद से मामला खत्म कराया जा सकता है। इसके बदले वह बड़ी रकम मांगता था। इस तरीके से सम एंटनी लंबे समय तक पहचान बदलकर बचता रहा।

ठगी का तरीका

पुलिस के मुताबिक एंटनी कथित तौर पर फर्जी पत्रों, बदले हुए संदेशों और नकली छापेमारी के वीडियो का इस्तेमाल करता था। एक मामले में कारोबारी अब्दुल शरीफ के भाई से जुड़ी जांच की जानकारी मिलने के बाद उसने खुद को NCIB का वरिष्ठ अधिकारी बताया और कथित तौर पर 10 महीनों में 1.13 करोड़ रुपये वसूले। 2019 में बेंगलुरु में उसने इसी पहचान के सहारे एक कार्यालय भी चलाया और सात महीने बाद किराया दिए बिना गायब हो गया। जांच में यह भी सामने आया कि NCIB खुद को गैर सरकारी संगठन बताता है। सम एंटनी इसी तरह सरकारी एजेंसी का नाम लेकर लोगों को प्रभावित करता था।

पुराना रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड में एंटनी से जुड़े मामले 1997 तक पहुंचते हैं। 1998 में कर्नाटक में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। 2019 में मंगलुरु के एक लॉज में पुलिस ने उसे सहयोगियों के साथ पकड़ा था। उस कार्रवाई में हथियार, फर्जी पहचान पत्र, नकदी और दूसरे दस्तावेज बरामद होने की बात कही गई। पुलिस के मुताबिक वह अलग अलग राज्यों में जाता और नाम बदलकर फिर से काम शुरू कर देता था। इसी वजह से 30 साल से फरार आरोपी को पकड़ना जांचकर्ताओं के लिए लगातार मुश्किल बना रहा। उसके पुराने नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस की पड़ताल

2023 में जमानत मिलने के बाद एंटनी फिर गायब हो गया और करीब तीन साल तक पुलिस उसकी तलाश करती रही। मंगलुरु पुलिस ने पुराने मामले की फाइल दोबारा खोली और उसकी तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई। जांच के दौरान पता चला कि वह केरल में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचा था। इसी तस्वीर और संपर्कों के सहारे पुलिस उस तक पहुंची। गिरफ्तारी के वक्त भी वह Daniel Tharakan नाम से रह रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ 17 मामलों की सूची बनाई है और आगे की जांच जारी है। 30 साल से फरार आरोपी से जुड़े पुराने संपर्कों और दूसरे मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में बताए गए आरोप पुलिस की जांच और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में सामने आए दावों पर आधारित हैं और अंतिम न्यायिक निष्कर्ष का स्थान नहीं लेते। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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