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4 साल बाद बच्चा मिला तो सामने आई जबरन मजदूरी की पूरी कहानी

अहमदाबाद से अगवा किया बच्चा 4 साल बाद मिला तो खुला बड़ा राज, अगवा किशोर समेत 3 नाबालिग जबरन मजदूरी करते मिले और 2 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

अहमदाबाद, गुजरात। 4 साल बाद गुमशुदा बच्चा मिला तो उसके साथ 2 और नाबालिगों के जबरन मजदूरी करने का मामला सामने आया। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पंचमहल जिले के नाडीसार गांव में कार्रवाई कर 3 नाबालिग लड़कों को छुड़ाया। इनमें वह किशोर भी शामिल है जिसे कथित तौर पर 2022 में अहमदाबाद से अगवा किया गया था। पुलिस के मुताबिक बच्चों से जबरन मजदूरी, खेती और मवेशी चराने का काम कराया जा रहा था। मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर हुई।  [1]

सालों बाद मिला सुराग

पुलिस के अनुसार 2022 में 14 साल के लड़के के लापता होने के बाद उसकी मां ने अहमदाबाद के सोला थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से उसकी तलाश चल रही थी। क्राइम ब्रांच की टीम लापता और अगवा बच्चों को खोजने के अभियान में जुटी थी। इसी दौरान मानव सूचना के आधार पर नाडीसार गांव में संदिग्ध ठिकाने की जानकारी मिली। टीम ने वहां छापा मारा और किशोर को बरामद कर लिया। इस कार्रवाई में 16 और 17 साल के 2 अन्य नाबालिग भी मिले।

जबरन काम का आरोप

पुलिस का कहना है कि तीनों बच्चों से कथित तौर पर जबरन मजदूरी, खेती और मवेशी चराने का काम कराया जा रहा था। जांच में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान 47 वर्षीय दिनेश ओड और 35 वर्षीय भरत भरवाड़ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दिनेश मजदूर ठेकेदार है जबकि भरत मवेशी चराने का काम करता है। दोनों नाडीसार गांव के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम ने तेजी से कार्रवाई की और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की।

परिवार तक पहुंचाए बच्चे

पुलिस के मुताबिक बरामद किए गए 2 अन्य नाबालिगों में एक नवा नाडीसार गांव का रहने वाला है जबकि दूसरा वडोदरा के छाणी इलाके से है। दोनों को उनके माता पिता के हवाले कर दिया गया। बरामद किशोर की पारिवारिक स्थिति भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार उसके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और उसकी मां की मौत हो चुकी है। ऐसे में किशोर को उसके चाचा के सुपुर्द किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए सोला पुलिस को सौंपा जाएगा।

जांच अभी जारी है

पुलिस कार्रवाई से 4 साल बाद सकुशल तलाश किए गए बच्चे के साथ 2 अन्य नाबालिगों की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बच्चों को वहां कैसे लाया गया और उनसे कितने समय से काम कराया जा रहा था। पुलिस आरोपियों की भूमिका और बच्चों से जुड़े दूसरे संभावित मामलों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई ने लापता बच्चों की तलाश और मानव तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में अहम सफलता दिलाई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में लगाए गए आरोप पुलिस की जांच और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्यों पर आधारित हैं और अदालत के अंतिम फैसले का स्थान नहीं लेते। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief