मलबे में फंसे छात्र बोले बचा लो, इमारत गिरते ही मचा मौत का तांडव
मलबे में फंसे छात्र मदद के लिए फोन करते रहे, दिल्ली के सत्या निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने के बाद कई लोग दबे, बचाव टीमों ने रात भर मलबा खंगाला।


5 मंजिला इमारत ढही
नई दिल्ली, दिल्ली। मलबे में फंसे छात्र मदद के लिए फोन करते रहे और दिल्ली के सत्या निकेतन में 5 मंजिला इमारत के ढहने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल हालात में चला। यह इमारत छात्रों के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। हादसा रविवार दोपहर हुआ और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में बदल गया। कई लोगों के दबे होने की आशंका के बीच दमकल, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। 7 सितंबर तक मौतों का आंकड़ा 6 पहुंच चुका था और तलाशी जारी थी। [हादसे का विडियो] [1]
मलबे से आती रहीं आवाजें
हादसे के बाद राहतकर्मियों को मलबे में फंसे छात्रों के लोगों को फोन आने की जानकारी मिली। एक छात्र ने मलबे के भीतर से मदद की गुहार लगाते हुए करीब 11 सेकंड का वीडियो भी बनाया। वीडियो में वह कंक्रीट के बीच फंसा दिखाई दिया और बाद में उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने भी छात्रों की आवाजें सुनने की बात कही। इसी वजह से बचाव दलों ने मलबा हटाने में बेहद सावधानी बरती ताकि अंदर मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
रेस्क्यू में बड़ी चुनौती
इमारत गिरने के बाद मौके पर पहुंची टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हैं। शुरुआती जानकारी में 40 से 50 लोगों के अंदर होने की आशंका जताई गई थी। रेस्क्यू के दौरान कुछ घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई थी। मलबा हटाते समय ऊपर बचा ढांचा भी जोखिम पैदा कर रहा था। ऐसे में मशीनों के साथ राहतकर्मी हाथ से भी मलबे की जांच कर रहे थे।
हादसे पर उठे सवाल
इमारत के ढहने के बाद निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों के मुताबिक हादसे की वजह की जांच की जा रही है और अभी अंतिम कारण सामने नहीं आया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि इमारत गिरने के बाद आसपास अफरा तफरी मच गई थी। बचाव अभियान के दौरान स्थानीय लोग भी राहतकर्मियों के साथ जुटे रहे। प्रशासन ने प्रभावित इलाके में सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए। मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच आगे बढ़ रही है।
मौतों का बढ़ा आंकड़ा
सत्या निकेतन हादसे में मलबे में फंसे छात्र और दूसरे लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार जारी रहीं। 7 सितंबर की सुबह तक अलग अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 6 बताई गई और कई लोगों के अब भी दबे होने की आशंका थी। बचाव दल मलबे के हर हिस्से की जांच कर रहे थे। हादसे ने राजधानी में पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की जांच के बाद ही साफ होगा कि इमारत क्यों गिरी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। हादसे के कारण और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की आधिकारिक जांच अभी जारी है और शुरुआती जानकारी में बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
The building collapsed within just a few seconds…
— Sahil chabra (@sahii199) September 7, 2026
This video shows a terrifying scene of a multi-storey PG building suddenly collapsing in a student neighborhood in Delhi. However, please note this is an AI-generated fictional reconstruction, not actual footage of… pic.twitter.com/dG68AiKpsW