WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

थेरैट्रॉन 780-C मशीन की लंबी सेवा, चिकित्सकों ने उपलब्धियां याद कीं

थेरैट्रॉन 780-C मशीन के 32 साल पूरे, आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर में चिकित्सकों ने याद किया कैंसर उपचार का लंबा सफर।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg
थेरैट्रॉन 780-C मशीन की 32वीं वर्षगाँठ

थेरैट्रॉन 780-C मशीन की 32वीं वर्षगाँठ

बीकानेर, राजस्थान। थेरैट्रॉन 780-C मशीन की 32वीं वर्षगांठ पर आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में सोमवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीबीएम अस्पताल परिसर स्थित संस्थान के रेडियोथेरेपी विभाग में चिकित्सकों, रेजिडेंट चिकित्सकों, रेडियोग्राफर और अन्य स्टाफ ने मशीन की वर्षों की सेवाओं और उपलब्धियों को याद किया। संस्थान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार बीकानेर में कैंसर उपचार और रेडियोथेरेपी की पुरानी व्यवस्था रही है। कार्यक्रम में थेरैट्रॉन 780-C मशीन के जरिए मरीजों को मिली सेवाओं और विभागीय टीम के योगदान पर चर्चा हुई।

मशीन का सफर याद किया

संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा ने बताया कि थेरैट्रॉन 780-C मशीन का उद्घाटन 7 सितंबर 1994 को तत्कालीन मंत्री देवी सिंह भाटी और तत्कालीन चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने किया था। उन्होंने कहा कि पिछले 32 वर्षों में मशीन ने कैंसर मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अनुसार राजस्थान के अलग अलग जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से आने वाले मरीजों का भी इस मशीन से उपचार किया गया। इससे संस्थान की क्षेत्रीय भूमिका और लंबे समय से जारी कैंसर उपचार सेवाओं की तस्वीर सामने आती है।

कार्यक्रम में संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा, मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र बेनीवाल, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप गुप्ता और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यूनिट हेड डॉ. शंकर लाल जाखड़ मौजूद रहे। रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर डॉ. अथियान, डॉ. अमित शेखावत, डॉ. श्वेता मोहता, डॉ. राजेश शिनवार और डॉ. मुकेश सिंघल सहित अन्य चिकित्सक एवं रेजिडेंट चिकित्सकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान विभाग से जुड़े कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ ने भी मशीन के साथ अपने लंबे अनुभवों को साझा किया।

तकनीकी टीम का योगदान

रेडियोग्राफी टीम की ओर से अधीक्षक रेडियोग्राफर बांके बिहारी शर्मा, रेडियोथेरेपी इंचार्ज परवेज उर रहमान और वरिष्ठ रेडियोग्राफर दौलत राम कस्वां, संतोष शर्मा तथा मोहम्मद सलीम जुनेजा मौजूद रहे। असिस्टेंट रेडियोग्राफर हिमांशु कुमार, स्वाति बिश्नोई, कविता ओझा, मनीष कुमार भाट, अरुण गोयल और अंकित सेवग सहित अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में तकनीकी टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। लंबे समय तक किसी रेडियोथेरेपी सेवा को चलाने में मशीन के साथ प्रशिक्षित स्टाफ और नियमित तकनीकी निगरानी की भूमिका भी अहम रहती है।

रेडियोथेरेपी इंचार्ज परवेज उर रहमान ने बताया कि थेरैट्रॉन 780-C मशीन की सबसे बड़ी विशेषता उसकी निरंतर कार्यशीलता रही है। उनके अनुसार 32 वर्षों के लंबे सफर में मशीन कभी नॉन वर्किंग नहीं रही और इसके जरिए प्रतिदिन कैंसर मरीजों को रेडियोथेरेपी दी गई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक लगातार सेवाएं देना मशीन की विश्वसनीयता और रेडियोथेरेपी विभाग की तकनीकी टीम की कार्यकुशलता को दर्शाता है। यह दावा कार्यक्रम में विभाग की ओर से मशीन की दीर्घकालीन उपयोगिता के संदर्भ में रखा गया।

क्षेत्र के मरीजों को लाभ

आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट बीकानेर लंबे समय से उत्तर पश्चिम भारत में कैंसर उपचार का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यहां रेडियोथेरेपी सहित कैंसर उपचार की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं और संस्थान को 1999 में रीजनल कैंसर सेंटर का दर्जा मिला था। पुराने रिकॉर्ड में भी बीकानेर संस्थान में थेरैट्रॉन 780-C और 780-E जैसी टेली कोबाल्ट मशीनों के उपयोग का उल्लेख मिलता है। ऐसे में थेरैट्रॉन 780-C मशीन की 32 साल की सेवा संस्थान के रेडियोथेरेपी इतिहास का अहम हिस्सा रही है।

32वीं वर्षगांठ के अवसर पर चिकित्सकों और स्टाफ ने मशीन से जुड़े लंबे सेवा सफर को याद किया और मरीजों के उपचार में इसके योगदान पर चर्चा की। कार्यक्रम ने यह भी रेखांकित किया कि रेडियोथेरेपी जैसी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा में मशीन के साथ तकनीकी टीम की निरंतर भूमिका महत्वपूर्ण होती है। थेरैट्रॉन 780-C मशीन की 32 वर्षों की सेवाओं को याद करते हुए विभाग से जुड़े लोगों ने इसे क्षेत्र के कैंसर मरीजों के उपचार की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। इस अवसर पर संस्थान के कर्मचारियों और चिकित्सकों ने आगे भी बेहतर कैंसर उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने की भावना व्यक्त की।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मशीन की कार्यशीलता, उपचार सेवाओं और मरीजों से संबंधित दावे कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों द्वारा बताए गए विवरण पर आधारित हैं और इन्हें स्वतंत्र चिकित्सकीय मूल्यांकन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कैंसर उपचार से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief