एयर इंडिया पर दांव, 1.5 अरब डॉलर की जरूरत के बीच निवेश पर उठे सवाल
एयर इंडिया पर दांव को लेकर Singapore Airlines के निवेश पर सवाल उठे हैं। भारी घाटे के बीच सिंगापुर सरकार ने SIA की रणनीति का बचाव किया है।

प्रतीकात्मक फोटो
सिंगापुर, सिंगापुर। एयर इंडिया पर दांव को लेकर Singapore Airlines पर उठ रहे सवालों के बीच सिंगापुर सरकार खुलकर उसके बचाव में आई है। Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, Transport Minister Jeffrey Siow ने कहा कि SIA के लिए विदेशों में विस्तार करना जरूरी है क्योंकि घरेलू बाजार सीमित है। Air India में SIA की 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है और भारतीय एयरलाइन को 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत पर चर्चा चल रही है। सरकार का कहना है कि निवेश संबंधी फैसला कंपनी को अपने संसाधनों और रणनीति के आधार पर करना चाहिए। [1]
घाटे पर उठे सवाल
Air India का प्रदर्शन इस बहस की बड़ी वजह है। Reuters के मुताबिक भारतीय एयरलाइन को पिछले वित्त वर्ष में 2.33 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। ऐसे में SIA से अतिरिक्त पूंजी लगाने की संभावित जरूरत ने सिंगापुर में राजनीतिक और कारोबारी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि किसी निवेश को सीधे SIA की देनदारी मानना सही नहीं होगा। SIA का कहना है कि Air India में उसका निवेश लंबे समय की रणनीति का हिस्सा है और इससे आने वाले समय में उसे कई देशों के बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एयर इंडिया पर दांव के बावजूद SIA अपने फैसले खुद लेने पर जोर दे रही है। सरकार और सरकारी निवेश कंपनी Temasek ने भी एयरलाइन की कारोबारी स्वायत्तता का समर्थन किया है। SIA ने साफ किया है कि निवेश के लिए वह अपने ही संसाधनों का इस्तेमाल करती है और इसके लिए शेयरधारकों से अलग से पूंजी मांगने की व्यवस्था नहीं है। कंपनी के लिए Air India सिर्फ मौजूदा कमाई का मामला नहीं बल्कि एक व्यापक बहु केंद्र रणनीति का हिस्सा है जिसमें भारत को अहम अंतरराष्ट्रीय बाजार माना जा रहा है।
राजनीतिक बहस भी तेज
मामला सिर्फ पैसों और कारोबारी फैसलों तक सीमित नहीं रहा। Air India निवेश को लेकर सिंगापुर में ऑनलाइन बहस के दौरान भारतीयों को निशाना बनाने वाली नस्ली टिप्पणियां भी सामने आईं। प्रधानमंत्री Lawrence Wong और Senior Minister K Shanmugam ने ऐसी टिप्पणियों की आलोचना की और कहा कि इस तरह की भाषा को सामान्य नहीं बनने दिया जा सकता। विपक्षी सांसद Kenneth Tiong ने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति निवेश के वित्तीय जोखिमों को लेकर है और इसका किसी समुदाय या नस्ल से संबंध नहीं है।
एयर इंडिया पर दांव को SIA अब भी लंबी अवधि के कारोबारी विस्तार के नजरिए से देख रही है। कंपनी के लिए भारत एक बड़ा और तेजी से बढ़ता विमानन बाजार है और Air India के जरिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क मजबूत करने की संभावना है। दूसरी तरफ भारी घाटे और अतिरिक्त पूंजी की जरूरत ने निवेश पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में आने वाले समय में SIA को यह साबित करना होगा कि भारत में किया गया यह बड़ा निवेश सिर्फ तत्काल नुकसान नहीं बल्कि भविष्य के वैश्विक विस्तार और मुनाफे की मजबूत रणनीति है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। Air India और Singapore Airlines से जुड़े निवेश तथा पूंजी संबंधी फैसले कारोबारी समीक्षा और संबंधित कंपनियों के निर्णयों के अधीन हैं और इनमें आगे बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।