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AK47 कांड के पीछे बड़ा नेटवर्क, म्यांमार से हथियार आने का शक गहराया

म्यांमार सीमा से पूर्वोत्तर के रास्ते एके 47 की खेप आने का शक। AK47 कांड की जांच में हथियार तस्करी के तार कई राज्यों से जुड़ते लगे, नेटवर्क की पड़ताल जारी।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

मुजफ्फरपुर, बिहार। AK47 कांड की जांच अब मुजफ्फरपुर से निकलकर पूर्वोत्तर और म्यांमार सीमा तक पहुंचती दिख रही है। जांच में सामने आया है कि हथियारों की खेप पहले नगालैंड लाई जाती थी और इसके बाद बिहार समेत दूसरे राज्यों तक पहुंचाई जाती थी। सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क के तार कोहिमा, मिजोरम और आइजोल तक फैले होने की आशंका है। NIA दीमापुर में सक्रिय अहमद अंसारी के कथित हथियार सप्लायर नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। एजेंसी को शक है कि नेटवर्क का संपर्क म्यांमार के हथियार सप्लायरों से था।  [1]

दीमापुर से जुड़े तार

जांच एजेंसियों के सामने अहमद अंसारी का नाम एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर आया है। आरोप है कि उसका नेटवर्क म्यांमार के सप्लायरों से संपर्क में था और वहां से हथियारों की खेप मंगाकर आगे पहुंचाई जाती थी। मुजफ्फरपुर में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान भी AK47 कांड से जुड़े ऐसे लिंक मिलने की बात सामने आई है जो दीमापुर के हथियार कारोबारियों तक पहुंचते हैं। दीमापुर में अहमद अंसारी के पास से 2 वॉकी टॉकी मिलने के बाद जांच एजेंसियों को नेटवर्क के बड़े स्तर पर सक्रिय होने का शक और गहरा हुआ। 

NIA ने इसी सिलसिले में नगालैंड में कई ठिकानों पर छापेमारी भी की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की सप्लाई किस रास्ते से होती थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन कौन लोग जुड़े थे। जांच में म्यांमार के केरेन नेशनल यूनियन जैसे मिलिशिया समूह से संभावित संपर्क की आशंका भी सामने आई है। हालांकि यह अभी जांच का विषय है और एजेंसी की पड़ताल पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। अधिकारियों का मानना है कि नेटवर्क काफी संगठित हो सकता है। 

ऐसे खुला पूरा मामला

इस मामले की शुरुआत 7 मई 2024 को हुई थी जब पुलिस ने एके 47 बरामद की थी। सबसे पहले मुजफ्फरपुर जंक्शन से विकास और सत्यम को एके 47 में इस्तेमाल होने वाला बट और लेंस के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने फकुली थाना क्षेत्र के मनकौली गांव से देवमनी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर श्मशान के पास पुल के नीचे छिपाकर रखी गई एके 47, मैगजीन और 5 कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद मामला आगे बढ़ा और जांच केंद्रीय एजेंसी तक पहुंची। 

अब जांच सिर्फ हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। NIA पहले ही इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और हाल में मुजफ्फरपुर से भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर उर्फ गुरु की गिरफ्तारी को इस कड़ी में छठी गिरफ्तारी बताया गया था। इससे पहले जांच में एक आरोपी के बैंक खाते में 2022 से 2024 के बीच 1.15 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी पता चला था। अब AK47 कांड में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। हथियार तस्करी और किसी मिलिशिया समूह से कथित संपर्क से जुड़े तथ्य जांच एजेंसियों के दावों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं और इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief