WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

किताबी पढ़ाई से फैक्ट्री तक पहुंचे 63 छात्र, खुला रोजगार का अवसर

63 विद्यार्थियों ने फैक्ट्री में धागे से कपड़ा बनने की प्रक्रिया देखी और तकनीकी बारीकियां समझीं। पढ़ाई के बीच कौशल सीखने के साथ रोजगार का अवसर मिला।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg
विद्यार्थियों ने वस्त्र उद्योग को करीब से समझा

विद्यार्थियों ने वस्त्र उद्योग को करीब से समझा

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। राजेंद्र मार्ग राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 9 और 10 के 63 विद्यार्थियों ने वस्त्र उद्योग को करीब से समझने के लिए सुख सागर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड सत्कार समूह का औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों ने धागे से कपड़ा तैयार होने तक की अलग अलग प्रक्रियाएं अपनी आंखों से देखीं। मशीनों के संचालन और उत्पादन की तकनीकी बारीकियों को समझते हुए उन्हें यह जानने का मौका मिला कि पाठ्यक्रम में पढ़ी बातें असली कार्यस्थल पर किस तरह काम आती हैं। इसी दौरान रोजगार का अवसर भी चर्चा का अहम विषय रहा।

समझी तकनीक

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वीविंग यानी बुनाई, धागा डबलिंग, वार्पिंग और शूटिंग निर्माण जैसी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि धागों की तैयारी से लेकर मशीनों के जरिए उन्हें व्यवस्थित करके कपड़े का स्वरूप कैसे दिया जाता है। मशीनों के संचालन में अपनाई जाने वाली तकनीकी सावधानियों और उत्पादन की प्रक्रिया को भी मौके पर समझाया गया। विद्यार्थियों को उद्योग के मालिक और समाजसेवी गोविन्द सोड़ानी ने संबोधित किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक समझ की जरूरत बताते हुए बच्चों को सीखने के अवसरों का महत्व समझाया।

भ्रमण का मकसद केवल विद्यार्थियों को फैक्ट्री दिखाना नहीं था बल्कि उन्हें भविष्य की दिशा समझाना भी था। उद्योग प्रबंधन की ओर से बताया गया कि व्यावसायिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों के लिए वस्त्र उद्योग में काम की संभावनाएं मौजूद हैं। प्रशिक्षित और इच्छुक विद्यार्थियों को भविष्य में वीविंग विभाग में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार का अवसर देने का प्रस्ताव भी दिया गया। रतन सोड़ानी, रतन आगाल और मनोज जागेटिया ने विद्यार्थियों को उत्पादन की सूक्ष्म जानकारी दी। इससे बच्चों को कौशल और करियर के बीच संबंध समझने का व्यावहारिक अनुभव मिला।

किताबी ज्ञान से आगे

प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत के नेतृत्व में हुए भ्रमण में श्रीमती रेखा शर्मा, व्यावसायिक प्रशिक्षक आशीष सोनी, हेमन्त पाटीदार और विक्रम कुमार चौधरी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शिक्षकों के अनुसार ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को केवल किताबी जानकारी तक सीमित नहीं रखते बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यस्थल की परिस्थितियों से परिचित कराते हैं। भ्रमण के आधार पर विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक रिपोर्ट भी तैयार की गई। इसका उद्देश्य वस्त्र उद्योग में उपलब्ध तकनीकी और रोजगारपरक विकल्पों की जानकारी देना है ताकि विद्यार्थी अपनी रुचि और कौशल के मुताबिक आगे की पढ़ाई और करियर का रास्ता चुन सकें।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश भी दिया गया। प्रतीक चिह्न के रूप में उन्हें कलम और कपड़े के बैग भेंट किए गए तथा अल्पाहार की व्यवस्था की गई। समापन पर विद्यार्थियों ने वस्त्र निर्माण की प्रक्रियाओं को नजदीक से देखना ज्ञानवर्धक अनुभव बताया। विद्यालय की ओर से उद्योग प्रबंधन का आभार जताया गया। इस पहल से बच्चों को यह समझने का मौका मिला कि तकनीकी शिक्षा केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है बल्कि सही प्रशिक्षण के साथ भविष्य में रोजगार का अवसर भी बन सकती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रोजगार संबंधी अवसरों के लिए संबंधित संस्था की पात्रता और चयन प्रक्रिया ही अंतिम मानी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief