WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

कोटा यूनिवर्सिटी में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, कौशल से करियर तक फोकस

कोटा यूनिवर्सिटी में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की नई पहल। एआई, डेटा साइंस, वन्यजीव पर्यटन और पारंपरिक कला से जुड़े विकल्प, कौशल विकास और रोजगार पर जोर।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg
प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। बदलते रोजगार बाजार और उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए कोटा विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2026 27 से कई नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। इनमें वन्यजीव पर्यटन, बूंदी कोटा पारंपरिक चित्रण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस तथा खेल प्रबंधन एवं पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। विश्वविद्यालय का फोकस केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, शोध और उद्यमिता से जोड़ने पर रहेगा। इससे स्थानीय जरूरतों और बदलते करियर विकल्पों के बीच नई संभावनाएं बनने की उम्मीद है।

स्थानीय अवसरों पर नजर

कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के अनुसार आज उच्च शिक्षा को बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के साथ कदम मिलाकर चलना होगा। उनका कहना है कि विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ कौशल, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है। शिक्षा को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के मौजूदा अकादमिक ढांचे में पहले से पर्यटन और वन्यजीव विज्ञान जैसे क्षेत्र मौजूद हैं। नई पहल का उद्देश्य इन्हें बदलती बाजार जरूरतों के अनुरूप अधिक रोजगारपरक दिशा देना है।

वन्यजीव पर्यटन का विकल्प

पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग की ओर से पीजी डिप्लोमा इन वाइल्डलाइफ टूरिज्म प्रस्तावित है। हाड़ौती क्षेत्र की प्राकृतिक और वन्यजीव संपदा को देखते हुए इस पाठ्यक्रम को खास महत्व दिया जा रहा है। कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में वन क्षेत्र, जैव विविधता, नदियां, आर्द्रभूमियां तथा प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत मौजूद हैं। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों को अध्ययन और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जा सकता है। वन्यजीव प्रबंधन, पारिस्थितिकी और जिम्मेदार पर्यटन इसके प्रमुख हिस्से होंगे।

कला को मिलेगा मंच

विश्वविद्यालय बूंदी कोटा पारंपरिक चित्रण शैली में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा भी प्रस्तावित कर रहा है। इसमें लघुचित्र और भित्ति चित्रण की ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परंपरा के साथ पारंपरिक तकनीक, प्राकृतिक रंगों, चित्र निर्माण और संरक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम का मकसद क्षेत्रीय कला विरासत को बचाने के साथ विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। कला शिक्षा, संग्रहालय अध्ययन, सांस्कृतिक पर्यटन, संरक्षण, डिजाइन, कला विपणन और स्वरोजगार से जुड़े क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार करने की योजना है।

एआई में नई पढ़ाई

तकनीकी क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए बीएससी इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस भी शुरू किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लचीले प्रवेश निकास विकल्प प्रस्तावित हैं। 4 सेमेस्टर पूरे करने पर डिप्लोमा, 6 सेमेस्टर पर बीएससी और 8 सेमेस्टर पर बीएससी ऑनर्स या रिसर्च की डिग्री का प्रावधान रहेगा। पाठ्यक्रम में प्रेडिक्टिव मॉडलिंग, मशीन लर्निंग, एमएलऑप्स, एनएलपी, बिग डेटा सिस्टम्स और एआई एथिक्स जैसे विषय शामिल होंगे। विद्यार्थियों को पाइथन, आर, टेन्सरफ्लो, पाईटॉर्च, एसक्यूएल और क्लाउड प्लेटफॉर्म का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।

खेल पर्यटन पर फोकस

पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टूरिज्म को भी शामिल किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों को खेल आयोजनों के प्रबंधन, मार्केटिंग, वित्तपोषण और खेल पर्यटन की रणनीतियों की जानकारी दी जाएगी। बड़े खेल आयोजनों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के जरिए पर्यटन स्थलों के विकास की संभावनाओं को भी समझाया जाएगा। साथ ही पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर ध्यान रहेगा। इस रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को खेल आयोजन, पर्यटन प्रबंधन और संबंधित सेवाओं में करियर के लिए जरूरी व्यावहारिक समझ देने का प्रयास किया जाएगा।

कौशल से करियर तक

कोटा विश्वविद्यालय की यह पहल शिक्षा को स्थानीय संसाधनों और उभरते रोजगार क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश के रूप में सामने आ रही है। वन्यजीव पर्यटन में स्थानीय प्राकृतिक संपदा, पारंपरिक चित्रण में क्षेत्रीय विरासत, एआई में तकनीकी कौशल और खेल पर्यटन में आयोजन क्षमता को आधार बनाया जा रहा है। व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, शोध और कैपस्टोन प्रोजेक्ट जैसे माध्यम विद्यार्थियों को वास्तविक कामकाजी परिस्थितियों से जोड़ सकते हैं। रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का अंतिम लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि कौशल के आधार पर अवसर पैदा करने वाला बनाना है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नए पाठ्यक्रमों की अंतिम स्वीकृति, प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, सीटों और पाठ्यक्रम संरचना की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार ही मान्य होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief