ईरान अमेरिका में टकराव बढ़ा, 5 तेल टैंकर तबाह, जॉर्डन पर मिसाइलें
ईरान अमेरिका में टकराव फिर भड़का, अमेरिका ने 5 तेल टैंकर नष्ट किए, ईरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकाने और समुद्री जहाजों पर किया जवाबी हमला

ईरान अमेरिका में टकराव
वाशिंगटन, अमेरिका। ईरान अमेरिका में टकराव बुधवार को अचानक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों को नष्ट करने की कार्रवाई की है। अमेरिका ने इसे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की ओर से अमेरिकी युद्धपोत पर किए गए मिसाइल हमले के जवाब में उठाया कदम बताया है। इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइलें दागीं और रणनीतिक समुद्री मार्ग के आसपास कई जहाजों को निशाना बनाया। [विडियो] [1]
अमेरिका ने क्यों किया हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरानी IRGC ने अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े तेल टैंकरों पर कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि ये जहाज उस तेल नेटवर्क का हिस्सा थे जिससे IRGC और उसके सहयोगियों को आर्थिक मदद मिलती थी। कार्रवाई से पहले टैंकरों पर मौजूद चालक दल को जहाज खाली करने की चेतावनी दी गई थी। अमेरिकी सेना के मुताबिक इसका मकसद ईरान के सैन्य वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाना था।
इस कार्रवाई में Kivik, Charminar, Horizon 1, Riesco और Derya नाम के 5 टैंकर शामिल बताए गए हैं। इनमें से Derya को ईरान के खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया। बाकी जहाजों पर खाड़ी और ओमान की खाड़ी के आसपास कार्रवाई हुई। अमेरिकी दावे के मुताबिक इन जहाजों का इस्तेमाल ईरान के तेल कारोबार और IRGC से जुड़े वित्तीय नेटवर्क में किया जा रहा था। हालांकि ईरान की ओर से अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अलग रुख सामने आया है। ईरान अमेरिका में टकराव के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता दिख रहा है।
ईरान ने दिया जवाब
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। ईरान की IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी अल अज्रक एयर बेस की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना के मुताबिक कुल 20 मिसाइलों में से 18 को रोक दिया गया जबकि 2 मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई। अमेरिका ने भी हमले को सीमित असर वाला बताया है। इसके बावजूद यह घटनाक्रम सीधे तौर पर ईरान अमेरिका में टकराव को नए क्षेत्र में ले जाने वाला माना जा रहा है।
ईरान की नौसेना ने होर्मुज के आसपास भी कई जहाजों को निशाना बनाने की कार्रवाई की। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 10 जहाज इस जवाबी कार्रवाई की चपेट में आए। इनमें अमेरिकी जहाज और तेल टैंकर भी शामिल बताए गए हैं। ईरान ने पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी निगरानी और नियंत्रण का दावा किया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी बड़े व्यवधान का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।
तेल बाजार पर बड़ा असर
बढ़ते ईरान अमेरिका में टकराव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। बाजार में चिंता है कि अगर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित हुई तो दुनिया के कई देशों की तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। ईरान के साथ तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियों ने भी खाड़ी और लाल सागर क्षेत्र की सुरक्षा चिंता बढ़ाई है। इससे तेल कारोबार में जोखिम और कीमत दोनों बढ़ सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा घटनाक्रम अब केवल दो देशों की सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है। होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। फिलहाल दोनों पक्ष एक दूसरे की कार्रवाई का जवाब दे रहे हैं और किसी तत्काल तनाव कम होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। अगर टकराव और बढ़ा तो तेल कीमतों के साथ दुनिया भर के बाजारों पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सैन्य कार्रवाई, नुकसान और जवाबी हमलों से जुड़े दावे संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं तथा स्वतंत्र पुष्टि अलग अलग मामलों में सीमित हो सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
CENTCOM forces destroyed five Iranian crude oil carriers, Sept. 8, after the Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) targeted a U.S. Navy warship with ballistic missiles twice over the past two days. The U.S. warship successfully evaded the attempted Iranian attacks and… pic.twitter.com/Gi8a2tloN1
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 8, 2026