बीगोद के रिकॉर्ड मतदान ने चौंकाया, हर वर्ग ने निभाई जिम्मेदारी
रिकॉर्ड मतदान ने लोकतंत्र की मजबूत तस्वीर दिखाई। 80 वर्षीय महिला व्हीलचेयर पर वोट देने पहुंचीं और किन्नरों से लेकर संतों तक ने मतदान कर जिम्मेदारी निभाई।

किन्नरों ने भी डाला वोट
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। नगर निगम आम चुनाव 2026 में शहर की सरकार चुनने के लिए बुधवार को मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। सुबह से मतदान केंद्रों पर आवाजाही बनी रही और युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग तथा किन्नर मतदाता भी लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लेने पहुंचे। व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंची 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा। मतदान के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए उनके चेहरे पर नजर आई मुस्कान लोकतांत्रिक जज्बे की मिसाल बनी। वहीं किन्नर समुदाय के मतदाताओं ने भी बूथ तक पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। हरिशेवा धर्मशाला में संतों ने भी मतदान किया। इन तस्वीरों के बीच रिकॉर्ड मतदान ने हर वोट की ताकत का संदेश दिया।
बुजुर्गों ने दिखाई ताकत
मतदान के दौरान बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं का उत्साह खास तौर पर देखने को मिला। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के बावजूद लोग मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। व्हीलचेयर पर पहुंची 80 वर्षीय महिला ने स्याही लगी उंगली दिखाकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उनके उत्साह ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। मतदान के बाद बुजुर्ग मतदाताओं के चेहरों पर संतोष नजर आया और उनका जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणा बना। पहले मतदान फिर जलपान के संदेश के साथ लोगों ने मतदान को प्राथमिकता दी। किसी ने उम्र को बाधा नहीं बनने दिया तो किसी ने शारीरिक परेशानी को आड़े नहीं आने दिया। मतदान केंद्रों से सामने आई तस्वीरों ने बताया कि रिकॉर्ड मतदान सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने का जज्बा भी है।

किन्नरों ने भी डाला वोट
चुनाव में किन्नर समुदाय के मतदाताओं की भागीदारी भी लोकतंत्र की समावेशी तस्वीर का हिस्सा बनी। किन्नर मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उनके मतदान ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक की आवाज मायने रखती है। मतदान के बाद स्याही लगी उंगली लोकतांत्रिक भागीदारी का प्रतीक बनी। इसी क्रम में हरिशेवा धर्मशाला स्थित मतदान केंद्र पर हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में संतों ने भी मतदान किया। उनके साथ संत मयाराम, संत राजाराम, मेघराज, मिहिर और रोमा ने वोट डाला। संतों ने आमजन से बिना किसी दबाव के अपने विवेक से मतदान करने की अपील की। किन्नरों और संतों की भागीदारी ने रिकॉर्ड मतदान की तस्वीर को और व्यापक बना दिया।
बीगोद ने चौंकाया
नगर पालिका बनने के बाद बीगोद में पहली बार चुनाव हुआ तो मतदाताओं में जबर्दस्त उत्साह नजर आया। नए नगर निकाय के पहले चुनाव में लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया। शाम 6 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीगोद में 12,511 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और मतदान प्रतिशत 91.49 फीसदी पहुंच गया। पहली बार नगर पालिका के स्थानीय प्रतिनिधि चुनने का मौका मिलने से लोगों में खास दिलचस्पी दिखाई दी। सुबह से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही और शाम तक लोगों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। बीगोद का रिकॉर्ड मतदान पूरे चुनाव की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया। नए नगर निकाय के पहले चुनाव में इतनी मजबूत भागीदारी ने स्थानीय प्रतिनिधित्व को लेकर लोगों की गंभीरता और उत्साह को सामने रखा।

ईवीएम में बंद फैसला
नगर निगम चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर के 265 मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। शाम 6 बजे मतदान समाप्त होते ही ईवीएम मशीनों को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। अब प्रत्याशियों की नजर मतगणना पर टिक गई है। 14 सितंबर को मतगणना होगी और इसके साथ प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला सामने आएगा। दिनभर मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगों, किन्नरों और संतों की भागीदारी देखने को मिली। अलग अलग वर्गों की यह भागीदारी चुनाव की व्यापक तस्वीर पेश करती रही। बीगोद में रिकॉर्ड मतदान ने भी लोगों का ध्यान खींचा है और अब सभी की नजर नतीजों पर है। मतदान के बाद ईवीएम कड़ी सुरक्षा में हैं और मतदाताओं का फैसला अब मतगणना के दिन सामने आएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मतदान प्रतिशत और चुनाव संबंधी आंकड़े उपलब्ध चुनावी सूचनाओं के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं और अंतिम आधिकारिक परिणाम संबंधित निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाएंगे। इस रिपोर्ट में विभिन्न सामाजिक वर्गों की मतदान भागीदारी से संबंधित उल्लेख उपलब्ध समाचार तथ्यों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।