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तेल 100 डॉलर पार, सेंसेक्स की चाल डगमगाई, रुपये पर भी दबाव बढ़ा

शेयर बाजार में कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने से निवेशकों की चिंता बढ़ी। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार चढ़ाव बना रहा।

By अजय त्यागी
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय शेयर बाजार में 10 सितंबर को कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने और पश्चिम एशिया तनाव के कारण दबाव देखने को मिला। टाइम्स ऑफ इंडिया के लाइव अपडेट के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में रहे। सेंसेक्स की चाल पर तेल की कीमतों का असर साफ दिखा। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 74,810 के आसपास पहुंचा जबकि निफ्टी 23,439 के आसपास था। निवेशक वैश्विक तनाव और महंगे तेल को लेकर सतर्क रहे।   [1]

तेल बना बड़ी चिंता

ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से भारत की आयात लागत को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है इसलिए तेल महंगा होने पर रुपये और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ सकता है। बाजार में पहले से पश्चिम एशिया तनाव को लेकर सावधानी है। टाइम्स ऑफ इंडिया के लाइव अपडेट में बताया गया कि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स कभी बढ़त में तो कभी गिरावट में चला गया। इससे निवेशकों की अनिश्चितता साफ दिखाई दी।

रुपया भी दबाव में

तेल की तेजी का असर मुद्रा बाजार पर भी दिखाई दिया। लाइव अपडेट के मुताबिक रुपये में शुरुआती कारोबार में 25 पैसे की कमजोरी आई और यह 95.33 प्रति डॉलर तक पहुंचा। इससे भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ने की आशंका है। शेयर बाजार के लिए कमजोर रुपया और महंगा कच्चा तेल दोहरी चुनौती बन सकते हैं। खासकर ऐसी कंपनियां जिनकी लागत आयात पर निर्भर है उनके शेयरों पर असर पड़ सकता है। वहीं तेल से जुड़ी कुछ कंपनियों को ऊंची कीमतों से अलग तरह का फायदा मिल सकता है।

निवेशकों की नजर

सेंसेक्स की चाल अब सिर्फ घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय नहीं हो रही। पश्चिम एशिया की स्थिति कच्चे तेल की कीमत अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद और विदेशी निवेशकों की गतिविधि बाजार के लिए अहम संकेत बन चुके हैं। पिछले सत्र में सेंसेक्स 813 अंक गिरा था और निफ्टी 23,450 से नीचे बंद हुआ था। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम लेने से बच सकते हैं। आने वाले सत्रों में तेल की कीमत और भू राजनीतिक तनाव बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शेयर बाजार और कमोडिटी कीमतों में बदलाव तेज हो सकता है और यहां दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief