साइबर सुरक्षा अलर्ट, फिशिंग लिंक और फर्जी ऐप से बचने की सलाह
साइबर सुरक्षा अलर्ट जारी: दिल्ली पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन गतिविधियों में सावधानी बरतने को कहा। BRICS के दौरान फिशिंग, मैलवेयर और डेटा चोरी जैसे खतरों की आशंका।

साइबर सुरक्षा अलर्ट
नई दिल्ली, दिल्ली। साइबर सुरक्षा अलर्ट के जरिए दिल्ली पुलिस ने BRICS Summit से पहले आम लोगों को ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी से बचने की सलाह दी है। Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, असुरक्षित प्लेटफॉर्म पर निजी या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करने और अनजान स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने से बचने को कहा है। राजधानी में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले 18वें BRICS Summit को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी है। ऐसे हाई प्रोफाइल आयोजन के दौरान साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। [1]
लिंक पर रखें नजर
दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी में फिशिंग को लेकर खास सावधानी बरतने को कहा गया है। साइबर अपराधी अक्सर ऐसे संदेश या ईमेल भेजते हैं जो देखने में किसी भरोसेमंद संस्था से आए हुए लगते हैं। इनमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही यूजर से पासवर्ड, बैंक जानकारी या दूसरी निजी सूचनाएं मांगी जा सकती हैं। पुलिस ने लोगों को ऐसे संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी है। किसी वेबसाइट या संदेश की विश्वसनीयता पर संदेह हो तो बिना पुष्टि किए जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। थोड़ी सी जल्दबाजी भी निजी डेटा और पैसों के नुकसान का कारण बन सकती है।
ऐप और पासवर्ड संभालें
पुलिस ने अनजान या असत्यापित स्रोतों से एप्लिकेशन डाउनलोड नहीं करने की भी सलाह दी है। ऐसे ऐप में मैलवेयर छिपा हो सकता है जो फोन में मौजूद संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है। इसके साथ ही लोगों से मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने और उन्हें समय समय पर बदलते रहने को कहा गया है। अलग अलग सेवाओं के लिए एक ही पासवर्ड रखने से जोखिम बढ़ सकता है। भरोसेमंद एंटी वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने में मदद कर सकता है। साइबर सुरक्षा अलर्ट का मकसद लोगों को डराना नहीं बल्कि ऑनलाइन खतरे से पहले ही सावधान करना है।
व्यक्तिगत डेटा बचाएं
एडवाइजरी में निजी और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। किसी असुरक्षित वेबसाइट या अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, कार्ड, पासवर्ड या दूसरी संवेदनशील जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी अक्सर बड़े आयोजनों और चर्चित घटनाओं के नाम का इस्तेमाल करके फर्जी संदेश फैलाते हैं। ऐसे संदेशों में लालच या डर पैदा करके लोगों को तुरंत कार्रवाई के लिए उकसाया जा सकता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध सूचना पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत की जांच करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर संबंधित संस्था के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
BRICS के बीच सतर्कता
BRICS Summit के दौरान दिल्ली में देश विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। ऐसे हाई प्रोफाइल आयोजन के कारण साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। साइबर सुरक्षा अलर्ट इसी व्यापक सुरक्षा तैयारी का हिस्सा है। पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों की तरह डिजिटल दुनिया में भी सतर्क रहने की अपील की है। संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप और निजी जानकारी मांगने वाले संदेशों को नजरअंदाज करना सबसे आसान बचाव है। BRICS Summit के दौरान डिजिटल सुरक्षा को लेकर थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़े नुकसान से बचा सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर अपराध के तरीके लगातार बदलते रहते हैं इसलिए किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या ऐप की स्थिति में संबंधित आधिकारिक साइबर सुरक्षा माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।