सरकार हनुमान अंश फिल्म को टैक्स फ्री करे, वन्दे मातरम् टीम की बड़ी मांग
उत्तराखंड में करमुक्त होने के बाद राजस्थान और झारखंड में भी हनुमान अंश फिल्म टैक्स फ्री कराने की मांग तेज हो गई है। वन्दे मातरम् टीम ने राज्य सरकार से की मांग।

प्रतीकात्मक फोटो
बीकानेर, राजस्थान। फिल्म टैक्स फ्री कराने की मांग अब हनुमान अंश को लेकर राजस्थान में भी जोर पकड़ रही है। बीकानेर की वंदे मातरम् टीम के राष्ट्रीय संयोजक विजय कोचर ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत संबंधित स्तर पर फिल्म को करमुक्त करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी हनुमान भक्ति पर आधारित यह फिल्म भारतीय संस्कृति, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों को सामने रखती है। 2 करोड़ के आसपास के बजट से बनी फिल्म ने धीमी शुरुआत के बाद बॉक्स ऑफिस पर असाधारण रफ्तार पकड़ी है।
करमुक्ति की मांग
हनुमान अंश फिल्म को टैक्स फ्री कराने के पीछे बीकानेर में उठाई गई मांग का तर्क यह है कि टिकट पर कर का बोझ कम होने से ज्यादा दर्शक सिनेमाघर तक पहुंच सकते हैं। वंदे मातरम् टीम का मानना है कि हनुमान अंश केवल मनोरंजन की फिल्म नहीं बल्कि नीम करौली बाबा के जीवन, सेवा, करुणा और आध्यात्मिक विचारों को सामने रखने वाली कृति है। टीम के मुताबिक फिल्म में जाति पाति से ऊपर उठकर मानव सेवा और भगवान राम तथा हनुमान के प्रति भक्ति का संदेश दिखाया गया है। इसी आधार पर राजस्थान में भी इसे करमुक्त करने की मांग रखी जा रही है।
इस मांग को अब दूसरे राज्यों में उठ रही आवाजों से भी बल मिल रहा है। झारखंड में रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर हनुमान अंश को राज्य में टैक्स फ्री करने का आग्रह किया है। सेठ ने फिल्म को भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और युवाओं को प्रेरित करने वाली कृति बताया है। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में करमुक्त करने का ऐलान कर चुके हैं। धामी ने फिल्म को उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाने वाला माध्यम बताया था।
कम बजट बड़ी कमाई
फिल्म टैक्स फ्री कराने की मांग के बीच इसकी बॉक्स ऑफिस यात्रा भी चर्चा में है। फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी और शुरुआत बेहद धीमी रही। पहले दिन करीब 10 लाख रुपये और पहले सप्ताह में लगभग 1.08 करोड़ रुपये की कमाई के बाद इसके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे थे। लेकिन तीसरे सप्ताह से दर्शकों के सकारात्मक प्रचार और सोशल मीडिया चर्चा ने तस्वीर बदल दी। स्क्रीन की संख्या बढ़ी और कमाई तेजी से ऊपर गई। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म भारत में 193 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी है और अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहुंच चुकी है।
हनुमान अंश फिल्म की सफलता का एक दिलचस्प पहलू इसका निर्माण भी है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म पर लंबे समय तक काम किया और शूटिंग के दौरान आध्यात्मिक अनुशासन पर खास ध्यान दिया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अपनी फीस नहीं ली, सेट पर शाकाहारी भोजन रखा और लंबे समय तक फलाहार का पालन किया। निर्माण के दौरान कलाकारों और क्रू से जुड़ी कई मुश्किलें भी आईं और मुख्य अभिनेता के बीमार पड़ने के बाद निर्देशक ने अपने सहायक शोभिनव सत्या को नीम करौली बाबा की भूमिका में उतारा। कम संसाधनों के बावजूद फिल्म पूरी हुई और बाद में दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई।
संदेश और विस्तार
फिल्म टैक्स फ्री कराने की मांग का एक आधार इसका सांस्कृतिक संदेश भी बताया जा रहा है। फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन और भगवान हनुमान के प्रति उनकी आस्था को केंद्र में रखती है। कहानी में सेवा, करुणा, त्याग और मानव कल्याण जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने भी फिल्म देखने के बाद बाबा की तपस्या, त्याग, सेवा और हनुमान भक्ति को रेखांकित किया था। फिल्म की लोकप्रियता बढ़ने के साथ अब इसे केवल एक क्षेत्रीय धार्मिक फिल्म के बजाय बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने वाली आध्यात्मिक कहानी के रूप में देखा जा रहा है।
बीकानेर से उठी मांग के पीछे यही उम्मीद है कि राजस्थान में कर राहत मिलने से परिवारों और आम दर्शकों के लिए सिनेमाघर तक पहुंच आसान हो सकती है। वंदे मातरम् टीम ने इस मांग को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक विषयों वाली फिल्मों को मिलने वाली संभावित कर राहत की बहस से भी जोड़ा है। टीम ने '120 बहादुर' जैसी राष्ट्रभक्ति फिल्मों के संदर्भ में भी अपनी मांग का तर्क रखा है। हालांकि किसी फिल्म को करमुक्त करना राज्य सरकार का नीतिगत फैसला होता है और केवल मांग उठने से ऐसा दर्जा स्वतः नहीं मिलता। राजस्थान में अब नजर सरकार के रुख पर रहेगी।
फिल्म टैक्स फ्री कराने की मांग अब केवल बीकानेर तक सीमित नहीं दिख रही है। उत्तराखंड में करमुक्ति के बाद झारखंड में संजय सेठ की मांग और महाराष्ट्र में भी कर राहत की अपील सामने आ चुकी है। इसी बीच फिल्म की कमाई 2 करोड़ रुपये के शुरुआती बजट की तुलना में बहुत आगे निकल चुकी है। हालिया रिपोर्टों में भारत में इसका कलेक्शन 193 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है और 11 सितंबर से इसकी अंतरराष्ट्रीय रिलीज भी शुरू हो गई है। ऐसे में राजस्थान में उठी मांग के सामने अब सवाल यही है कि क्या राज्य सरकार भी फिल्म टैक्स फ्री करने पर कोई फैसला लेती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। फिल्म को करमुक्त करने की मांग संबंधित संगठनों और व्यक्तियों की अपील है और राजस्थान सरकार की ओर से करमुक्ति का कोई अंतिम निर्णय इस रिपोर्ट में दावा नहीं किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।