ATM से रकम नहीं निकली तो बैंक को जुर्माना, जानें ग्राहक का अधिकार
ATM से पैसा नहीं निकला लेकिन खाते से रकम कट गई तो ग्राहक को राहत, 5 दिन में रकम लौटाना जरूरी, देरी पर 100 रुपये प्रतिदिन बैंक को जुर्माना देना होगा।

प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। बैंक को जुर्माना देने का एक अहम मामला सामने आया है। अगर ATM से पैसे नहीं निकलते और खाते से रकम कट जाती है तो ग्राहक को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पंजाब एंड सिंध बैंक को ऐसे ही मामले में ग्राहक को रकम लौटाने के साथ जुर्माना और मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला गाजियाबाद के जितेंद्र सिंह से जुड़ा है जिन्होंने ATM से 10000 रुपये निकालने की कोशिश की थी। मशीन ने लेनदेन सफल बताया लेकिन नकदी बाहर नहीं आई। बाद में बैंक से शिकायत के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। [1]
पैसा नहीं तो राहत
मामले की सुनवाई कश्मीरी गेट स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में हुई। आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जयपुरिया और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल की पीठ ने बैंक को ग्राहक के 10000 रुपये वापस करने का आदेश दिया। इसके अलावा 29600 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। इसमें देरी से जुड़ा जुर्माना शामिल है। ग्राहक को मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए 10000 रुपये तथा मुकदमेबाजी के खर्च के लिए भी 10000 रुपये देने का निर्देश दिया गया। आयोग ने कहा कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक समय पर रकम वापस नहीं की।
बैंक को जुर्माना इसलिए देना पड़ा क्योंकि खाते से रकम कटने के बाद भी ग्राहक को तय समय में पैसा वापस नहीं मिला। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार ATM से नकदी नहीं निकलने लेकिन खाते से राशि कट जाने की स्थिति में बैंक को 5 कार्य दिवस के भीतर रकम वापस करनी होती है। अगर ऐसा नहीं होता तो बैंक को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से ग्राहक को मुआवजा देना पड़ता है। इस मामले में आयोग ने 296 दिन की देरी मानी और इसी आधार पर 29600 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। यह फैसला उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें ATM लेनदेन में ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आयोग ने पकड़ी कमी
मामले में बैंक अपनी तरफ से ऐसा भरोसेमंद तकनीकी रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका जिससे यह साबित हो सके कि ग्राहक को वास्तव में नकदी मिली थी। आयोग ने पाया कि बैंक ने ATM जर्नल, कैश बैलेंसिंग रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक जर्नल, CCTV फुटेज और स्विच लेवल रिकंसिलिएशन रिपोर्ट जैसे जरूरी रिकॉर्ड पेश नहीं किए। यही वजह रही कि बैंक का यह दावा पर्याप्त नहीं माना गया कि रकम निकाली जा चुकी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके सहकर्मी ने उसी ATM से कुछ देर बाद 20000 रुपये निकाले थे और रकम तुरंत बाहर आ गई थी। इससे मामले में ग्राहक की शिकायत को और बल मिला।
अब इस मामले से ग्राहकों के लिए एक सीधी बात सामने आती है। अगर ATM से पैसा नहीं निकले लेकिन खाते से रकम कट जाए तो तुरंत बैंक में शिकायत दर्ज करनी चाहिए और लेनदेन का संदेश तथा शिकायत का रिकॉर्ड संभालकर रखना चाहिए। बैंक से समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग का रास्ता भी खुला रहता है। इस मामले में 45 दिन के भीतर आदेश के मुताबिक रकम नहीं देने पर 9 फीसदी अतिरिक्त ब्याज देने की बात भी कही गई है। बैंक को जुर्माना वाला यह फैसला दिखाता है कि ATM की तकनीकी गड़बड़ी का बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जा सकता।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ATM लेनदेन से जुड़े मामलों में नियम और राहत परिस्थितियों तथा संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर अलग हो सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।