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हथियारों की चोरी में खुलासा, रिटायर्ड हवलदार ने दिया वारदात को अंजाम

हथियारों की चोरी का राज खुला, रिटायर्ड हवलदार गिरफ्तार, AK 203, INSAS, पिस्टल और कारतूस बरामद, रिटायरमेंट की नाराजगी का एंगल भी सामने आया।

By अजय त्यागी
1 min read
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चोरी किए गए हथियार बरामद

सिकंदराबाद, तेलंगाना। हथियारों की चोरी के मामले में तेलंगाना पुलिस ने 37 वर्षीय रिटायर्ड हवलदार उप्पुथोल्ला मल्लेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 30 और 31 अगस्त की दरम्यानी रात सिकंदराबाद कैंटोनमेंट स्थित 20 बटालियन मद्रास रेजिमेंट के मुख्यालय की आर्मरी से हथियार और गोला बारूद गायब हुए थे। मल्लेश ने 2010 में सेना ज्वाइन की थी और करीब 16 साल तक हवलदार के तौर पर सेवा दी थी। उसे 30 जून को स्वास्थ्य संबंधी कारणों और अनुशासनहीनता के आरोपों के बीच अनिवार्य रिटायरमेंट दी गई थी।  [1]

ये हथियार चोरी हुए

पुलिस के अनुसार आर्मरी से 4 AK 203 राइफल, 1 5.56 एमएम INSAS राइफल, 6 9 एमएम पिस्टल और 1 नागरिक 6.35 बोर पिस्टल चोरी हुई थी। इसके अलावा 9 एमएम के 1156 राउंड, AK 203 के 720 राउंड, INSAS के कारतूस, मैगजीन और एक पैसिव नाइट विजन बाइनोकुलर भी गायब मिला। पुलिस ने दावा किया है कि जांच के बाद सभी हथियार और गोला बारूद बरामद कर लिए गए। इस बरामदगी के बाद हथियारों की चोरी से जुड़े मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

पुलिस के मुताबिक मल्लेश 30 अगस्त की रात करीब 11 बजे दोपहिया वाहन से आर्मरी पहुंचा था। वह पहले वहां काम कर चुका था इसलिए सुरक्षाकर्मी उसे पहचानते थे और उसे देखकर तत्काल शक नहीं हुआ। आरोप है कि वह हथियार रखने वाली जगह में दाखिल हुआ और राइफल, पिस्टल, गोला बारूद तथा नाइट विजन उपकरण लेकर निकल गया। उसने पहले सामान एक मंदिर के पास उतारा और फिर वापस आर्मरी पहुंचकर मैगजीन भी निकाल लीं। इसके बाद वह सामान को अपनी मारुति ब्रेजा कार में ले गया।

जांच में खुला राज

आर्मरी प्रभारी ने 31 अगस्त की सुबह हथियार गायब होने की जानकारी दी। इसके बाद बोलारम पुलिस ने मामला दर्ज किया और टास्क फोर्स, स्पेशल ऑपरेशंस टीम, कानून व्यवस्था पुलिस तथा खुफिया अधिकारियों को जांच में लगाया गया। पुलिस ने उन लोगों की जानकारी जुटाई जिन्हें आर्मरी तक पहुंच हासिल थी। 16 नियमित हथियार उपयोग करने वाले जवानों के साथ छुट्टी पर गए 54 सैन्यकर्मियों और 7 पेंशन पाने वाले पूर्व सैन्यकर्मियों से भी पूछताछ हुई। जांच में मल्लेश की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं और उसके फोन रिकॉर्ड तथा WhatsApp चैट डिलीट पाए गए।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान मल्लेश की गतिविधियों को लेकर शक लगातार गहराता गया। इसके बाद उसकी पत्नी की मौजूदगी में उससे दोबारा पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उसने कथित तौर पर हथियारों की चोरी की बात कबूल की। पूछताछ में पता चला कि चोरी के बाद हथियार उसके पैतृक गांव अमराबाद ले जाए गए थे। पहले उन्हें घास के ढेर में छिपाया गया और बाद में एक दोस्त की मदद से दूसरे स्थान पर ले जाकर एक घर में रखा गया। 8 सितंबर को सामान फिर दूसरी जगह पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई।

रिटायरमेंट की नाराजगी 

तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद के मुताबिक शुरुआती जांच में हथियारों की चोरी के पीछे कोई मजबूत मकसद अभी सामने नहीं आया है। हालांकि पुलिस को लगता है कि समय से पहले रिटायरमेंट मिलने से मल्लेश अधिकारियों से नाराज था और इसी नाराजगी ने उसे वारदात के लिए उकसाया हो सकता है। पुलिस इस मामले में संभावित आतंकी गतिविधि और ड्रग माफिया से जुड़े एंगल की भी जांच कर रही है। फिलहाल किसी राष्ट्रविरोधी या असामाजिक संगठन से उसके संबंध का ठोस सबूत सामने नहीं आया है। सैन्य खुफिया एजेंसियां भी मामले की समानांतर जांच करेंगी।

मल्लेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और धारा 305 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि क्या उसने यह वारदात अकेले की या किसी दूसरे व्यक्ति ने उसकी मदद की। फिलहाल पुलिस के मुताबिक शुरुआती तस्वीर में वह अकेला आरोपी नजर आ रहा है। हथियारों की चोरी के मामले में बरामद हथियारों की जांच और संभावित कनेक्शन की पड़ताल जारी है। आगे की जांच से इस पूरे मामले की बाकी कड़ियां साफ होने की उम्मीद है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों तथा संभावित कनेक्शन से जुड़े अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief