हनीट्रैप का खेल उजागर, 15 से ज्यादा वीडियो मिले, छात्र गिरफ्तार
गे डेटिंग ऐप के जरिए हनीट्रैप का खेल, युवकों को फंसाने का आरोप, AMU में 15 से ज्यादा वीडियो मिले, 10 पीड़ितों की पहचान, लाखों की वसूली, 1 छात्र गिरफ्तार।
प्रतीकात्मक फोटो
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश। हनीट्रैप का खेल सामने आने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विकारुल मुल्क हॉल में चल रहे कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक गे डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से दोस्ती की जाती थी और मुलाकात के बहाने उन्हें हॉल में बुलाया जाता था। आरोप है कि वहां उन्हें बंधक बनाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते और फिर इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे। मामले में BBA तृतीय वर्ष के छात्र शाहजिल को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। पुलिस अब उसके साथियों की तलाश कर रही है। [1]
ऐसे फंसाते थे युवकों को
पुलिस के मुताबिक आरोपी ग्राइंडर ऐप पर कई प्रोफाइल बनाकर युवकों से संपर्क करते थे। बातचीत के बाद मिलने का बहाना बनाकर उन्हें AMU के विकारुल मुल्क हॉल में बुलाया जाता था। आरोप है कि हनीट्रैप का खेल खेलने के लिए कमरे में पहुंचने के बाद युवक को निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर किया जाता और तभी कुछ लोग बाहर से आने का नाटक करते थे। इसके बाद डराकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे। वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर रकम मांगी जाती थी। पुलिस के अनुसार इसी तरीके से पहले भी कई लोगों को निशाना बनाया गया। हालांकि सामने आए आरोपों की बाकी कड़ियों की जांच अभी जारी है।
मामला तब सामने आया जब एक AMU कर्मचारी के 19 वर्षीय बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक 17 अगस्त की शाम उसे दोस्तों से मिलने के बहाने विकारुल मुल्क हॉल के एक कमरे में बुलाया गया था। वहां पहले से कई लोग मौजूद थे। आरोप है कि युवक को जबरन रोककर मारपीट की गई और कई घंटे तक कमरे में रखा गया। उसकी जेब से 5600 रुपये लेने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का भी आरोप है। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे मांगे गए। पुलिस के मुताबिक शिकायत की जांच में आरोपी छात्र की भूमिका सामने आई और उसे गिरफ्तार किया गया।
15 वीडियो से खुला राज
गिरफ्तार छात्र के फोन की जांच के दौरान पुलिस को 15 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इनमें से 10 पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है। जांच में करीब 4 से 5 लाख रुपये की वसूली की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि सामाजिक बदनामी के डर से कई लोग शिकायत करने आगे नहीं आए। सिविल लाइन और बन्नादेवी क्षेत्र से सामने आई शिकायतों के बाद जांच का दायरा बढ़ा। पुलिस अब वीडियो, मोबाइल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हनीट्रैप का खेल कब से चल रहा था और कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
जांच में शाहजिल के अलावा कई दूसरे नाम भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार जुनैद मिंटो समेत 4 से 5 लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। मुकदमे में कुछ लोगों को अलग अलग नामों से पुकारे जाने का भी उल्लेख है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार छात्र ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर गिरोह बनाया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास से आईफोन 13 प्रो मैक्स और 1200 रुपये बरामद हुए। पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिनकी भूमिका युवकों को बुलाने, वीडियो बनाने या कथित वसूली में रही हो सकती है।
हॉल की सुरक्षा पर सवाल
इस मामले ने AMU के हॉस्टल और हॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि विकारुल मुल्क हॉल समेत कुछ हॉल में आने जाने वालों की पहचान जांच को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि शाम के बाद बाहरी लोगों की आवाजाही पर पर्याप्त निगरानी नहीं थी। इसी वजह से कथित आरोपियों को कमरों तक पहुंच बनाने का मौका मिला और हनीट्रैप का खेल खेला गया। अगर जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक यह कथित गिरोह करीब 4 महीने से सक्रिय था। जांच के दौरान एक अन्य पीड़ित ने भी पुलिस से संपर्क किया और इसी तरह की घटना का आरोप लगाया। उसके मुताबिक उसे भी दोस्ती के बहाने AMU के हॉल में बुलाया गया था और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। आरोप है कि उससे 60 हजार रुपये लिए गए। इस शिकायत के आधार पर बन्नादेवी थाने में भी मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस का कहना है कि अब तक 2 पीड़ितों की ओर से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और बाकी संभावित पीड़ितों से भी संपर्क की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई तेज
हनीट्रैप का खेल सामने आने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार BBA छात्र को जेल भेज दिया है। अलीगढ़ के सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित नेटवर्क तैयार किया था। अब उसके साथियों की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि कितने लोगों को निशाना बनाया गया और उनसे कितनी रकम वसूली गई। साथ ही बरामद मोबाइल में मिले वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और किसी आरोपी को दोषी ठहराने का अधिकार केवल सक्षम न्यायालय को है। पीड़ितों की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता का सम्मान किया जाना आवश्यक है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।