कोचिंग मुद्दे पर आश्वासन, रेलकर्मियों की समस्याओं पर हुई चर्चा
बीकानेर में उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर यूनियन ने महाप्रबंधक से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। जीएम ने कोचिंग मुद्दे पर आश्वासन व जल्द समाधान का भरोसा दिया।

जीएम से मुलाकात करते यूनियन पदाधिकारी
बीकानेर, राजस्थान। कोचिंग मुद्दे पर आश्वासन मिलने के बाद उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने राहत जताई है। यूनियन की ओर से महाप्रबंधक पंकज शर्मा के सामने कोचिंग से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से रखा गया। पदाधिकारियों ने बताया कि यह मामला पहले भी जोनल स्तर पर उठाया जा चुका है और अब एक बार फिर महाप्रबंधक को इसकी जानकारी दी गई। यूनियन ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए ज्ञापन भी सौंपा। महाप्रबंधक ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कोचिंग मुद्दे पर आश्वासन दिया कि इसका जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा।
समस्याओं पर चर्चा
महाप्रबंधक से मुलाकात के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने रेलकर्मियों से जुड़े अन्य विभिन्न मुद्दों और समस्याओं को भी सामने रखा। महाप्रबंधक पंकज शर्मा का यूनियन पदाधिकारियों ने स्वागत किया और कर्मचारियों से संबंधित विषयों पर विस्तार से बातचीत की। मौके पर शौकत जी कोहरी, वीरेंद्र चावला, मनमोहन ओझा, प्रभाकर गहलोत, सही राम, धर्मेंद्र, शाहिद, फिरोज और सोहन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। बातचीत के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं के उचित समाधान की मांग रखी गई। कोचिंग मुद्दे पर आश्वासन के साथ अन्य विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा होने की बात यूनियन की ओर से कही गई।
यूनियन ने कहा कि कोचिंग से जुड़ा विषय पहले भी जोनल स्तर पर उठाया गया था और अब महाप्रबंधक के समक्ष इसे दोबारा मजबूती से रखा गया है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि अधिकारियों की ओर से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। महाप्रबंधक ने यूनियन की ओर से रखे गए मुद्दों को गंभीरता से सुनने के बाद उनके उचित समाधान का भरोसा दिया। कोचिंग मुद्दे पर आश्वासन के अलावा रेलकर्मियों से जुड़े दूसरे विषयों पर भी चर्चा हुई। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित मांगों के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए तथ्यों और संबंधित सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यूनियन की ओर से रखी गई मांगों और महाप्रबंधक द्वारा दिए गए आश्वासन के संबंध में अंतिम प्रशासनिक निर्णय संबंधित रेलवे प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।