तेज घूमते झूले में बाल फंसे, महिला की खोपड़ी बुरी तरह जख्मी हुई
तेज घूमते झूले में बाल फंसने और तेज खिंचाव से महिला गंभीर रूप से घायल हुई। पुलिस ने झूला रुकवाकर महिला को अस्पताल पहुंचाया।

तेज घूमते झूले में बाल फंसे
यवतमाल, महाराष्ट्र। मेले में झूला झूल रही 25 वर्षीय बाली मारोती तालिकोटे के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। तन्हा पोला पर्व के लिए लगे मेले में वह विशाल झूले पर बैठी थीं। झूला तेज गति से घूमना शुरू हुआ तो उनके बाल सीट के पीछे मौजूद घूमते बेयरिंग में फंस गए। अचानक बाल खिंचने से वह दर्द से चीखने लगीं। झूले में बाल फंसने से उनकी खोपड़ी का बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। [1]
पुलिस ने रुकवाया झूला
महिला की चीख सुनकर मेले में मौजूद लोग घबरा गए। वहां तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और तेजी से घूम रहे झूले को रोकने की कोशिश शुरू की। सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील अंभुरे और पुलिस कांस्टेबल सुहास कायते स्थानीय लोगों की मदद से झूले तक पहुंचे। उन्होंने किसी तरह झूला रुकवाया और महिला को बाहर निकाला। इसके बाद घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद मेले में लगे मनोरंजन वाले झूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बाल फंसने के बाद महिला को गंभीर चोट लगी और मौके पर मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई। महिला की पहचान फूलसावंगी निवासी बाली मारोती तालिकोटे के रूप में हुई है। बताया गया कि वह आसपास के गांवों से आए लोगों के साथ मेले में पहुंची थीं। यह एक दिन का पारंपरिक मेला था, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। झूला तेज गति से घूम रहा था और इसी दौरान बाल उसके घूमते हिस्से में फंस गए। समय रहते झूला रोकने से स्थिति और गंभीर होने से बची।
सुरक्षा पर सवाल
घटना ने मेले में लगाए जाने वाले अस्थायी झूलों की सुरक्षा जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झूले में बाल फंसने जैसी स्थिति कुछ ही सेकंड में बड़े हादसे में बदल सकती है। खासकर तेज गति से घूमने वाले झूलों में खुले घूमते हिस्सों को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। ऑपरेटर की सतर्कता भी ऐसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि झूले को चलाने से पहले उसकी मशीनरी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की पर्याप्त जांच हुई थी या नहीं।
फिलहाल महिला का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने तत्काल झूला रुकवाकर महिला को बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा। इस घटना ने मेले में आने वाले लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे झूलों में यात्रियों के बाल और कपड़े मशीन के घूमते हिस्सों में न फंसें, इसके लिए स्पष्ट सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। झूले में बाल फंसे तो कुछ ही पलों में गंभीर चोट लग सकती है। इसलिए आयोजकों और प्रशासन के लिए तकनीकी जांच और निगरानी बेहद जरूरी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। महिला की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति और घटना से जुड़ी आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों या अस्पताल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।