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UPI भुगतान रहेगा मुफ्त, सरकार ने बैंक शुल्क को लेकर स्थिति साफ कर दी

UPI भुगतान को लेकर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। 2000 तक के UPI लेनदेन पर बैंक या सिस्टम प्रदाता कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकेंगे।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। UPI भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए सरकार ने शुल्क को लेकर बड़ी राहत साफ की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक 2000 तक के UPI लेनदेन पर कोई बैंक या सिस्टम प्रदाता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकता। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रावधान भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम के तहत जारी किया गया है। इसमें RuPay डेबिट कार्ड से किए गए 2000 तक के भुगतान को भी शामिल किया गया है। यानी तय सीमा तक भुगतान करने वाले व्यक्ति से किसी भी तरह का शुल्क लेने की अनुमति नहीं होगी।  [1]

बैंक शुल्क पर साफ आदेश

सरकार की अधिसूचना में साफ कहा गया है कि तय इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों से भुगतान करने या रकम पाने वाले व्यक्ति पर कोई शुल्क नहीं लगाया जा सकता। इसमें UPI लेनदेन और RuPay से जुड़े 2000 तक के भुगतान शामिल हैं। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब UPI शुल्क को लेकर लोगों और कारोबारियों के बीच कई सवाल उठ रहे थे। नए प्रावधान से छोटे डिजिटल भुगतान करने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर रोजमर्रा की खरीदारी में UPI भुगतान करने वाले ग्राहकों को किसी अतिरिक्त बैंक शुल्क की चिंता नहीं करनी होगी।

सरकार ने पिछले महीने भी साफ किया था कि UPI के जरिए भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया था कि भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू किया गया तो उसका दायरा सीमित लेनदेन तक ही रखा जाएगा। सरकार के मुताबिक सभी व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI लेनदेन मुफ्त बने रहेंगे और व्यापारियों पर कोई व्यापक MDR नहीं लगाया जाएगा। अगर किसी सीमित श्रेणी में MDR लागू होता है तो वह तय सीमा से ऊपर के चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर मामूली दर से लगाया जा सकता है।

छोटे भुगतान पर राहत

नई व्यवस्था में 2000 तक के UPI भुगतान को शुल्क से सुरक्षित रखने का सीधा असर छोटे डिजिटल लेनदेन पर पड़ेगा। चाय नाश्ता, किराना, स्थानीय सेवाओं और रोजमर्रा की खरीदारी में डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है। सरकार का ताजा आदेश इस बात को स्पष्ट करता है कि बैंक या सिस्टम प्रदाता किसी व्यक्ति से सीधे या किसी दूसरे तरीके से इस सीमा तक किए गए भुगतान के लिए शुल्क नहीं ले सकते। इससे UPI आधारित डिजिटल भुगतान को लेकर बनी अनिश्चितता भी कम होने की उम्मीद है और आम ग्राहकों का भरोसा मजबूत हो सकता है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शुल्क को लेकर चर्चा मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े व्यापारी लेनदेन से जुड़ी हो सकती है। व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले सभी UPI लेनदेन मुफ्त बने रहेंगे। सरकार के अनुसार अगर भविष्य में MDR लगाया जाता है तो यह केवल एक सीमित श्रेणी के व्यापारी लेनदेन और तय सीमा से ऊपर के भुगतान पर लागू होगा। इसकी दर डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर लागू MDR की तुलना में काफी कम रखी जाएगी। ऐसे में UPI भुगतान को लेकर आम उपयोगकर्ताओं के लिए मौजूदा व्यवस्था में कोई व्यापक शुल्क लागू नहीं किया गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और सरकारी स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शुल्क और MDR से जुड़े प्रावधानों की अंतिम व्याख्या संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं और लागू नियमों के अनुसार होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief