कर्मवीर देव गिरफ्तार, कनाडा से आते ही पंजाब पुलिस ने एयरपोर्ट पर पकड़ा
कनाडा से डिपोर्ट कर्मवीर देव दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से करीबी और अनमोल बिश्नोई को मदद देने के आरोपों की जांच होगी।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
नई दिल्ली, दिल्ली। कनाडा से भारत डिपोर्ट किए गए कर्मवीर देव को पंजाब पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। कर्मवीर देव को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी बताया जाता है और पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। Aaj Tak की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस पर विदेश में रहते हुए गैंग के सदस्यों की मदद करने का आरोप है। पुलिस की जांच में अनमोल बिश्नोई से उसके कथित संपर्क भी अहम माने जा रहे हैं। भारत पहुंचते ही गिरफ्तारी के बाद अब उससे विदेश में गैंग के नेटवर्क और उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी। [1]
अनमोल से जुड़ा कनेक्शन
कर्मवीर देव पर आरोप है कि उसने लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को भारत से फरार होने में मदद की थी। रिपोर्ट के मुताबिक अनमोल अमेरिका में कर्मवीर के घर पर भी रुका था। अमेरिका में अनमोल का पंजाबी गायकों के साथ पार्टी करने का एक वीडियो सामने आया था और दावा किया गया कि यह वीडियो कर्मवीर के घर का था। इसी के बाद कर्मवीर की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि दोनों के बीच संपर्क किस स्तर का था और विदेश में रहते हुए कर्मवीर ने कथित तौर पर गैंग के लोगों को किस तरह की सहायता उपलब्ध कराई।
जांच का दायरा सिर्फ अनमोल बिश्नोई तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। कर्मवीर देव पर आरोप है कि अमेरिका पहुंचने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों को वह ठहरने की जगह और कानूनी मदद उपलब्ध कराता था। इस तरह विदेश में गैंग के सदस्यों के लिए कथित सुरक्षित ठिकाने और सहायता का इंतजाम करने में उसकी भूमिका की पड़ताल हो सकती है। कनाडा में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुई फायरिंग और आगजनी के मामले में भी कर्मवीर का नाम जांच से जोड़ा गया है। हालांकि उसकी कथित भूमिका और आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही होगा।
कनाडा से भारत वापसी
कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद कर्मवीर देव जैसे ही दिल्ली पहुंचा, पंजाब पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पहले उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था ताकि विदेश से भारत लौटने पर उसे पकड़ा जा सके। अब जांच एजेंसियां उसके विदेश में रहने के दौरान कथित संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा सकती हैं। कर्मवीर देव के खिलाफ पहले से मौजूद मामलों और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से उसके कथित संबंधों को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है। पूछताछ से विदेश में सक्रिय नेटवर्क के बारे में नई जानकारी मिलने की उम्मीद पुलिस को हो सकती है।
कर्मवीर देव की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब भारतीय जांच एजेंसियां विदेश में सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही हैं। कनाडा से डिपोर्ट होकर भारत पहुंचने के बाद अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पंजाब पुलिस की जांच पर निर्भर करेगी। पुलिस अनमोल बिश्नोई को कथित मदद, विदेश में गैंग के सदस्यों को पनाह देने और एपी ढिल्लों के घर से जुड़े मामले में उसकी भूमिका की जांच कर सकती है। कर्मवीर देव पर लगे आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों और उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कर्मवीर देव पर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और दोष सिद्ध होने तक उन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।