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मोबाइल किस्त बनी मुसीबत, बंधक बनाकर खून निकलवाने का आरोप

मोबाइल किस्त नहीं चुकाने पर लखनऊ में युवक को कथित तौर पर बंधक बनाकर 5 दिन मजदूरी कराने और ब्लड बैंक में जबरन खून निकलवाने का आरोप लगा है।

By अजय त्यागी
1 min read
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पीड़ित युवक

पीड़ित युवक

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मोबाइल किस्त को लेकर लखनऊ से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक की मां ने आरोप लगाया है कि किस्त बकाया होने के बाद कुछ लोग उसके बेटे नेवल को बहाने से अपने साथ ले गए और कई दिनों तक उसे बंधक बनाकर रखा। परिवार का दावा है कि इस दौरान उससे मजदूरी कराई गई और ब्लड बैंक ले जाकर कथित तौर पर उसका खून भी निकलवाया गया। NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार परिवार ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। मामले में डीसीपी दक्षिणी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।  [1]

किस्त से बंधक तक

परिवार के मुताबिक नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की एक मोबाइल दुकान से जीरो डाउन पेमेंट पर फोन खरीदा था। एक किस्त बकाया होने के बाद दुकान से जुड़े लोग मोबाइल वापस ले गए। इसके बाद 8 सितंबर की शाम दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को किसी बहाने से अपने साथ ले गए। शिकायत में स्कूटी का नंबर भी दिया गया है। परिवार को जब युवक का पता नहीं चला तो उसकी तलाश शुरू हुई। बाद में नेवल ने कथित तौर पर बताया कि उसे एक ब्लड बैंक ले जाया गया और फिर सदर इलाके के एक मकान में रखकर उससे मजदूरी कराई गई।

परिवार से पैसे भी मांगे

पीड़ित की मां के अनुसार युवक को अपने कब्जे में रखने के बाद आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया। मोबाइल किस्त के नाम पर 2799 रुपये ऑनलाइन मंगाए गए और यह रकम QR कोड के जरिए 9 सितंबर को भेजी गई। परिवार का आरोप है कि पैसे मिलने के बावजूद युवक को नहीं छोड़ा गया। इसके बाद 11 सितंबर की शाम फिर फोन आया और 12500 रुपये मांगे गए। रकम नहीं देने पर युवक को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी।

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

परिवार का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी शुरुआती स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। मां ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई की मांग करने पर उसके बेटे को ही मामले में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक पांचवें दिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा गया। परिवार का कहना है कि उस समय युवक बदहवास हालत में था और कैब का किराया भी उसके भाई से भरवाया गया। इसके बाद मां ने वरिष्ठ अधिकारी से शिकायत की। डीसीपी दक्षिणी ने अब मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।

जांच में खुलेंगे राज

अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। जांच में यह पता लगाना होगा कि युवक को वास्तव में किन लोगों ने अपने साथ ले जाया था और उसे कहां रखा गया। ब्लड बैंक ले जाने और कथित तौर पर खून निकलवाने के आरोप की भी जांच जरूरी है। इसके साथ ही 2799 रुपये की ऑनलाइन रकम और बाद में मांगे गए 12500 रुपये से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी अहम होंगे। मोबाइल किस्त के विवाद से शुरू हुआ यह मामला अगर शिकायत के आरोप सही पाए जाते हैं तो जबरन बंधक बनाने, मजदूरी कराने और धमकी देने जैसे गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। युवक को बंधक बनाने, जबरन मजदूरी कराने और खून निकलवाने से जुड़े आरोप शिकायत और जांच के आधार पर हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief