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फर्जी जीमेल जाल पर Google से होगी पूछताछ, सामने आया बड़ा नेटवर्क

513847 फर्जी जीमेल जाल के इस्तेमाल से जुड़े नेटवर्क ने साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। जांच में सामने आए इस मामले में Google से पूछताछ की तैयारी।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

गुजरात, राज्य। फर्जी जीमेल जाल का ऐसा खुलासा हुआ है जिसने भारत में डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात पुलिस ने ऐसे आपराधिक नेटवर्क का पता लगाया है जिसने 500000 से अधिक फर्जी Gmail खाते तैयार कर सरकारी कार्यालयों को झूठी बम धमकियां भेजने में उनका इस्तेमाल किया। पुलिस ने मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच के दौरान 513847 Gmail IDs और उनके पासवर्ड सामने आए हैं। ये खाते 2022 से इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।  [1]

नेटवर्क कितना बड़ा

जांच अधिकारियों के मुताबिक फर्जी जीमेल जाल का पैमाना अब तक सामने आए मामलों में असाधारण बताया जा रहा है। गुजरात पुलिस के वरिष्ठ साइबर अपराध अधिकारी विवेक भेड़ा ने Reuters को बताया कि इतने बड़े स्तर पर फर्जी Gmail खातों का इस्तेमाल पहले सामने नहीं आया था। पुलिस का कहना है कि इन खातों के जरिए अलग अलग सरकारी कार्यालयों को धमकी वाले ईमेल भेजे गए। इस नेटवर्क की संरचना और इतने बड़े पैमाने पर खातों को सक्रिय रखने के तरीके की भी जांच की जा रही है।

धमकी से जुड़ा मामला

जांच की शुरुआत 10 सितंबर को गुजरात सरकार को मिले एक बम धमकी वाले ईमेल के बाद हुई थी। इस ईमेल में नई दिल्ली में हुए हालिया BRICS सम्मेलन से जुड़े देशों और भारत के साथ सहयोग करने वाले देशों को भी धमकी दी गई थी। हालांकि जांच में ये धमकियां झूठी साबित हुईं। पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक का बांग्लादेश में मौजूद खरीदार से संपर्क था। खरीदार कथित तौर पर फर्जी खातों के बैच खरीदता था और फर्जी ईमेल भेजने के लिए कुछ भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में भी करता था।

Google पर उठे सवाल

फर्जी जीमेल जाल की जांच में सबसे बड़ा सवाल Google की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में बनाए गए इन फर्जी खातों में टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद थी। अब जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी संख्या में खाते सुरक्षा प्रक्रिया को पार करते हुए कैसे बनाए और संचालित किए गए। गुजरात पुलिस Google को पत्र भेजकर नीतियों में बदलाव और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग करने की तैयारी में है। पुलिस जल्द ही Google को औपचारिक जांच के विषय के रूप में भी शामिल कर सकती है।

साइबर सुरक्षा का सवाल

फर्जी जीमेल जाल सामने आने के बाद मामला केवल बम धमकी तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की निगरानी और साइबर अपराध रोकने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। Google ने मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि कंपनी के खिलाफ आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Reuters के अनुसार भारत में साइबर अपराध से हर साल 2 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान होता है। ऐसे में 513847 खातों का नेटवर्क सामने आना सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी कंपनियों के लिए बड़े स्तर पर निगरानी मजबूत करने की चेतावनी माना जा रहा है। फर्जी जीमेल जाल की यह जांच अब आगे किस दिशा में जाती है, इस पर भी नजर रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर अपराध, फर्जी खातों और कथित बम धमकियों से जुड़े आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief