मोल्दोवा में वोलोडिमिर जेलेंस्की की यात्रा के दौरान रूसी ड्रोन हमला
मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की यात्रा के दौरान एक बड़ा रूसी ड्रोन हमला हुआ है जिससे वहां भारी खलबली मच गई है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की - फाइल फोटो
किशीनेव, मोल्दोवा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक साक्षात्कार के दौरान खुलासा किया है कि जब वे अपनी विदेश यात्रा के दौरान मोल्दोवा के रास्ते में थे, तब उनके विमान के करीब एक बड़ा रूसी ड्रोन हमला देखा गया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस रूसी ड्रोन हमला के कारण मोल्दोवा की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क हो गई और वहां के हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा जिससे राष्ट्रपति के विमान की उड़ान में भी देरी हुई। [1]
हवाई क्षेत्र का उल्लंघन
मोल्दोवा के अधिकारियों ने पुष्टि की कि हाल ही में रूसी ड्रोन ने देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था जिसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। एक ड्रोन मोल्दोवा के एक खेत में गिर गया था जिससे वहां आग लग गई जबकि दूसरा ड्रोन आगे निकल गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति का कहना है कि उनके विमान की मौजूदगी के कारण ही इस क्षेत्र को निशाना बनाया गया ताकि उन्हें और अन्य विदेशी नेताओं को डराया जा सके और कूटनीतिक प्रयासों को बाधित किया जा सके।
यात्री ट्रेन पर खतरा
इस घटना से कुछ समय पहले यूक्रेन और पोलैंड की सीमा के पास एक यात्री ट्रेन को भी रूसी ड्रोन द्वारा निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन लगातार हो रही इन हवाई घुसपैठों से पड़ोसी देशों की सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों की कड़ी निंदा की जा रही है और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
सुरक्षा और कूटनीति
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए मोल्दोवा और यूक्रेन के सुरक्षा बल बेहद मुस्तैद होकर स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के हवाई हमले कूटनीतिक बैठकों और उच्चस्तरीय यात्राओं को विफल करने की एक सोची-समझेंगे रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। यूरोपीय देश इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि हवाई सुरक्षा को और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घुसपैठ को समय रहते पूरी तरह से रोका जा सके।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
यूरोपीय नेताओं और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। मोल्दोवा की सरकार ने भी अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कड़े सुरक्षा उपायों की बात कही है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद से पूर्वी यूरोप के पूरे इलाके में सामरिक सतर्कता को बहुत अधिक बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी संभावित बड़े खतरे से निपटा जा सके और इस प्रकार के किसी भी अन्य रूसी ड्रोन हमला को रोका जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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