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स्कूली छात्राओं के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड योजना को मंजूरी मिली

झारखंड सरकार ने राज्य की स्कूली छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने हेतु मुफ्त सैनिटरी पैड योजना को दी मंजूरी।

By अजय त्यागी
1 min read
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वेंडिंग मशीन का यूज करती छात्रा

वेंडिंग मशीन का यूज करती छात्रा

राँची, झारखंड। झारखंड सरकार ने राज्य की स्कूली छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और उनकी निरंतर शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड मंत्रिमंडल ने राज्यभर की छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए लगभग एक सौ चौबीस दशमलव सैंतीस करोड़ रुपये की लागत वाली मुफ्त सैनिटरी पैड योजना को औपचारिक रूप से अपनी मंजूरी दे दी है। इस योजना के लागू होने से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पढ़ने वाली छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान आने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  [1]

योजना का उद्देश्य

सरकार के इस दूरदर्शी कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली किशोरियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और उन्हें बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस विशेष सैनिटरी पैड योजना के तहत कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि उचित संसाधनों के अभाव में कई छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं, जिसे रोकने के लिए यह पहल बेहद असरदार साबित होगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत समय पर और सुगम माध्यम से छात्राओं तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाएगी ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा उत्पन्न न हो सके। इस पूरी योजना के सुचारू और पारदर्शी संचालन के लिए संबंधित विभाग द्वारा एक मजबूत वित्तीय और प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है ताकि बजट का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

कार्यान्वयन प्रक्रिया

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर एक समन्वित कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं जिसके तहत स्कूलों में विशेष जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इस सैनिटरी पैड योजना के माध्यम से छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी और उन्हें इस योजना का सीधा लाभ उठाने के तरीके समझाए जाएंगे।

स्थानीय स्तर पर शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समितियों को भी इस वितरण प्रक्रिया में शामिल किया गया है ताकि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे। प्रशासन इस बात को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है कि इस कल्याणकारी योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद बालिकाओं तक समय पर पहुंचे और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सरकारी योजनाओं और वित्तीय नीतियों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief