भारतीय मानक ब्यूरो ने सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ाकर पचहत्तर रुपये की
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आगामी त्योहारी सीजन से पहले सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस बढ़ाकर पचहत्तर रुपये कर दी है।

प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली। सोने के गहने खरीदने वाले आम उपभोक्ताओं और आभूषण कारोबारियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने हाल ही में संशोधित नियमों के तहत सोने की हॉलमार्किंग फीस को पैंतालीस रुपये से बढ़ाकर सीधे पचहत्तर रुपये प्रति आर्टिकल कर दिया है। सरकार की ओर से उठाया गया यह नया कदम ठीक उस समय लागू किया गया है जब देश भर में त्योहारी और शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने वाला है। हालांकि, चांदी के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग शुल्क पहले की तरह पैंतीस रुपये प्रति आर्टिकल पर ही बरकरार रखा गया है। [1]
संशोधित नए नियम
भारतीय मानक ब्यूरो (हॉलमार्किंग) संशोधन विनियम के तहत यह नई दरें चौदह सितंबर से प्रभावी हो चुकी हैं। इसके तहत अब मान्यता प्राप्त एसोइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर (AHCs) पर ज्वैलर्स को सोने के हर एक आर्टिकल की सर्टिफ़िकेशन के लिए बढ़ी हुई फीस चुकानी होगी। इस संशोधन के बाद न्यूनतम कंसाइनमेंट फीस दो सौ रुपये तय की गई है, जिसका मतलब है कि छोटे बैच या सिंगल पीस पर भी यह न्यूनतम प्रभार लागू होगा। इस बढ़ोतरी को लेकर जानकारों का मानना है कि इससे विशेष तौर पर हल्के वजन वाले आभूषणों की लागत पर आंशिक असर पड़ सकता है।
उद्योग जगत के जानकारों और ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमस्टिक काउंसिल (GJC) जैसे संगठनों का कहना है कि हॉलमार्किंग फीस में हुई इस अचानक वृद्धि से कारोबारियों की कंप्लायंस लागत बढ़ गई है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार द्वारा सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के लिए कोई अनिवार्य मूल्य वृद्धि तय नहीं की गई है, और यह ज्वैलर्स पर निर्भर करता है कि वे इस अतिरिक्त खर्चे को कैसे समायोजित करते हैं।
बाजार पर असर
त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले आए इस बदलाव के बाद बाजार में गहनों की कुल लागत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चूँकि सोने के दाम पहले से ही ऊंचे स्तर पर चल रहे हैं, ऐसे में हॉलमार्किंग फीस में करीब सड़सठ प्रतिशत की इस भारी बढ़ोतरी से खुदरा कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके बावजूद, उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि शुद्धता और ग्राहकों के भरोसे के लिए हॉलमार्किंग प्रक्रिया उतनी ही जरूरी है जितनी की पारदर्शिता।
ग्राहकों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए आभूषण खरीदते समय हमेशा छह अंकों के हॉलमार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर और स्टैंडर्ड मार्क की जांच जरूर करें। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उपभोक्ता को जिस कीमत पर सोना मिल रहा है, उसकी गुणवत्ता और शुद्धता पूरी तरह प्रमाणित है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सरकारी नियमों और आर्थिक नीतियों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।