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सस्पेंस ख़त्म! महापौर पद के लिए भाजपा ने चौंकाने वाला फैसला लिया

भीलवाड़ा नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए जसवंत कंवर को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg महापौर प्रत्याशी जसवंत कंवर

महापौर प्रत्याशी जसवंत कंवर

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। महापौर की कुर्सी को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रही सियासी अटकलों का भारतीय जनता पार्टी ने कुछ इस अंदाज में पटाक्षेप किया कि तमाम चर्चाओं में रहे बड़े नाम देखते ही देखते पीछे छूट गए। राजनीति में बड़े पदों के लिए अक्सर चर्चित और प्रभावशाली नामों की चर्चा होती है, लेकिन पार्टी ने भीलवाड़ा नगर निगम के महापौर पद के लिए एक बार फिर ऐसा निर्णय लिया जिसने राजनीतिक गलियारों में चल रहे सभी कयासों पर पूरी तरह विराम लगा दिया। पिछले तीन दिनों से महापौर पद के लिए जिन नामों की चर्चा चल रही थी, उनमें से किसी भी चेहरे को प्रत्याशी नहीं बनाया गया। नगर निगम में स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली भाजपा ने इस पद के लिए वार्ड 9 से निर्वाचित सैंतीस वर्षीय जसवंत कंवर के नाम पर मुहर लगाकर सभी संभावित दावेदारों की उम्मीदों को नया मोड़ दे दिया है। पार्टी के इस फैसले ने जहां एक ओर नए चेहरे को आगे बढ़ाने का स्पष्ट संकेत दिया है, वहीं दूसरी तरफ खेमों के पुराने समीकरणों को भी नए सिरे से चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।  [1]

चर्चित नाम पीछे छूटे

महापौर पद को लेकर पिछले तीन दिनों से राजनीतिक गलियारों में कई बड़े नामों की चर्चा जोर-शोर से चल रही थी। सांसद दामोदर अग्रवाल खेमे से सुमन ओझा, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी खेमे से पूर्णिमा जैन और निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी की ओर से ममता बाहेती के नाम की खूब चर्चाएं थीं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी चर्चित नामों से पूरी तरह अलग हटकर जसवंत कंवर को मैदान में उतार दिया और आखिरी क्षण तक चल रही तमाम अटकलों पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया।

पार्टी के इस साहसिक और रणनीतिक फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी आलाकमान ने जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है। जिन नामों को लेकर पिछले कई घंटों से बैठकों का दौर चल रहा था, वे सभी क धरे के धरे रह गए और एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली महिला पार्षद को सीधे शीर्ष पद के लिए चुन लिया गया।

कार्यालय से निगम तक पहुंचीं

नामांकन प्रक्रिया से ठीक पहले जसवंत कंवर सबसे पहले भाजपा कार्यालय पहुँचीं जहाँ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी तथा पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी सहित तमाम पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ वे नगर निगम पहुँचीं। यहाँ उन्होंने अपनी सुझबूझ और समर्थन के साथ महापौर पद के लिए अपने दो महत्वपूर्ण नामांकन पत्र आधिकारिक रूप से दाखिल कर दिए।

कार्यालय से लेकर नगर निगम तक के इस सफर के दौरान उनके साथ भारी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रशासनिक भवन पहुँचकर नामांकन दाखिल करने की इस पूरी प्रक्रिया ने शहर की राजनीतिक सरगर्मी को अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ा दिया और हर तरफ इसी फैसले की चर्चा होने लगी।

सामाजिक समीकरण 

जसवंत कंवर वार्ड 9 से पहली बार चुनावी मैदान में उतरी थीं और उन्होंने शानदार जीत दर्ज करके सभी को प्रभावित किया। सैंतीस वर्षीय जसवंत कंवर पोस्ट ग्रेजुएट हैं और एक कुशल गृहिणी के रूप में पहचानी जाती हैं। इस कड़े मुकाबले में उन्हें कुल 2538 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी खुशबू शर्मा को मात्र 373 मतों से संतोष करना पड़ा। इस तरह उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पर भारी बढ़त बनाते हुए दो हजार एक सौ पैंसठ मतों के भारी अंतर से यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

नगर निगम के कुल सत्तर वार्डों में से भाजपा ने पैंतालीस सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर पूर्ण और स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा के इन निर्वाचित पैंतालीस पार्षदों में से दस पार्षद अकेले राजपूत समाज से संबंधित बताए जा रहे हैं। पार्टी ने इसी सामाजिक समीकरण को साधते हुए इसी समाज से ताल्लुक रखने वाली जसवंत कंवर को महापौर पद का आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम की अगली तस्वीर मतदान और चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के साथ पूरी तरह साफ होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्थानीय निकाय चुनावों और राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief