केसर इत्र वर्षा और छप्पन भोग से विशेष रूप से सजेगा श्री श्याम दरबार
रानी बाजार स्थित रिद्धि-सिद्धि पैलेस में 26 सितंबर को भव्य श्री श्याम दरबार सजेगा। खाटू धाम के संतों के सान्निध्य में इत्र वर्षा व अर्जी अर्पण होगा।

प्रतीकात्मक फोटो
बीकानेर, राजस्थान। बाबा श्री श्याम की अथाह भक्ति और अटूट आस्था से सराबोर अत्यंत भव्य एवं दिव्य आयोजन का काउंटडाउन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है जहां शहर के रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित रिद्धि-सिद्धि पैलेस के प्रांगण में 26 सितंबर को श्री श्याम अखाड़ा 2.0 का ऐतिहासिक एवं अलौकिक आयोजन होने जा रहा है। श्री श्याम मित्र मंडल बीकानेर की ओर से आयोजित किए जा रहे इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में भक्तिभाव की पराकाष्ठा देखने को मिलेगी जहां एक ओर सुमधुर भजनों की गंगा बहेगी तो दूसरी ओर बाबा का मनोहारी और अत्यंत भव्य श्रृंगार उपस्थित भक्तों के नेत्रों को तृप्त करेगा। इस आयोजन को लेकर आमजन में भारी उत्साह और उल्लास का माहौल बना हुआ है तथा हर कोई इस पल का साक्षी बनने के लिए बेकरार नजर आ रहा है जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है और हर भक्त के मन में एक अजीब सी खूशबू रची-बसी महसूस हो रही है।
दिव्य अखाड़ा
खाटू धाम जैसा रूहानी और वास्तविक अहसास कराने के लिए इस आयोजन स्थल पर विशेष रूप से श्याम बागीची अखाड़ा की दिव्य झलक प्रस्तुत की जाएगी जिसे देखकर प्रत्येक श्रद्धालु को प्रत्यक्ष धाम का आभास होगा और मन गदगद हो उठेगा। मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र खत्री ने इस संदर्भ में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष का स्वरूप पिछले सभी संस्करणों की तुलना में कई गुना अधिक भव्य एवं गहन आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहेगा। आयोजकों का मुख्य ध्येय यही है कि जो भक्त किन्हीं कारणों से बार-बार खाटू धाम तक नहीं पहुंच पाते हैं, उन्हें अपने ही शहर बीकानेर की धरा पर ठीक वैसा ही अलौकिक व दिव्य वातावरण पूरी पवित्रता के साथ सुलभ हो सके और वे बिना किसी बाधा के अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकें तथा इस पावन अनुष्ठान का हिस्सा बनकर अपने जीवन को धन्य बना सकें।
अखाड़े में रुककर भजन-कीर्तन और सेवा के इन आयोजनों के माध्यम से श्याम प्रेमी बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और खाटू धाम के आदरणीय संतों के सान्निध्य से यह पूरा प्रांगण वैचारिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठेगा। मंडल के सभी कार्यकर्ता और सेवादार पिछले कई दिनों से इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी निष्ठा के साथ जुटे हुए हैं ताकि आने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर कोई चाहता है कि इस पावन अवसर पर व्यवस्थाएं ऐसी हों जो खाटू धाम की जीवंत यादें ताजा कर जाएं और भक्तों के मन में अनवरत आस्था का दीप जलता रहे।

संतों का सान्निध्य
इस पावन और गरिमामयी आयोजन की सबसे खास शोभा खाटू धाम से पधारने वाले आदरणीय संतों का दिव्य सान्निध्य रहेगी जहां मोहनदास जी महाराज एवं श्याम सिंह जी महाराज अपनी यशस्वी उपस्थिति से सभा को ऊर्जावान बनाएंगे। संतों के इस पावन सान्निध्य में जब समवेत स्वरों में भजन-कीर्तन का दौर उठेगा तो पूरा वातावरण भक्तिरस में गोते लगाने लगेगा और हर आंख नम हो जाएगी। साथ ही आयोजन स्थल पर केसर एवं इत्र की लगातार सुगंधित वर्षा होगी तथा प्रभु को प्रसन्न करने के लिए भव्य छप्पन भोग का मनोरम प्रसाद अर्पित किया जाएगा जिससे यह रात्रि जागरण और भी अधिक यादगार, ऐतिहासिक तथा प्रेरणादायक बन जाएगा और हर भक्त भावविभोर होकर झूम उठेगा।
महाभारत कालीन बर्बरीक के रूप में पूजे जाने वाले हारे का सहारा बाबा श्री श्याम की महिमा का गुणगान करते हुए यह सामूहिक अनुष्ठान अंततः हर आंख और मन को कृतार्थ कर देगा और सभी भक्त मिलकर श्रद्धा की हाजिरी लगाएंगे। मंडल के पदाधिकारी लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भोजन, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहें ताकि दूर-दूर से पधारने वाले वृद्धजन, महिलाएं और बच्चे बिना किसी परेशानी के इस आध्यात्मिक अनुभूति का आनंद ले सकें। हमारी संस्कृति में ऐसे आयोजन केवल उत्सव नहीं बल्कि सामूहिक चेतना के प्रतीक होते हैं जो समाज को नैतिक बल और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तुत धार्मिक आयोजन, मान्यताएं और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाएं आयोजक मंडल के विवरण पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।