अधिकारी के आलीशान बंगले पर रेड और बेनामी संपत्ति का बड़ा खुलासा
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत निगरानी ब्यूरो ने एक वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा किया है।
दस्तावेज खंगालती विजिलेंस टीम
पटना, बिहार। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भवन निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारी के पास से आय से अधिक बेनामी संपत्ति और कई बहुमूल्य दस्तावेजों का भारी जखीरा हाथ लगा है। जांच टीमों ने पटना और पूर्णिया स्थित विभिन्न ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय से 19758070 रुपये अधिक की बेनामी संपत्ति का आकलन किया गया है, जो चर्चा का विषय बन गया है और इसे बेनामी संपत्ति माना जा रहा है। [1]
ताबड़तोड़ छापेमारी
विजिलेंस टीम की जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है, कि अधिकारी और उनके परिजनों के नाम पर कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें जमीन, मकान और फ्लैट शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। फुलवारीशरीफ में स्थित पांच मंजिला मकान में लिफ्ट और अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट और कई अन्य जगहों पर जमीन के कागजात भी बरामद किए गए हैं। इन सभी संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि अवैध कमाई के इस बड़े नेटवर्क का पूरा सच सामने आ सके।
विजिलेंस की टीम ने इस बात का भी खुलासा किया है कि पूर्णिया में पदस्थापित होने से पहले अधिकारी के पास से कई महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं। उनकी पत्नी और सास के नाम पर भी संपत्तियां खरीदे जाने की बात सामने आई है, जो जांच के दायरे में हैं। इन सभी मामलों की गहनता से पड़ताल की जा रही है, ताकि भ्रष्टाचार के इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया जा सके।
दस्तावेजों की जांच
तलाशी के दौरान टीम को बैंक खातों, निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अत्यंत महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं। इसके अलावा सोने और हीरे के महंगे जेवरात तथा अन्य चल संपत्तियों का भी बारीकी से आकलन किया गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि कैसे भ्रष्ट अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर अकूत संपत्ति जुटाते रहे हैं और अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए सभी बैंक खातों और दस्तावेजों की तकनीकी और वित्तीय रूप से गहन जांच की जा रही है। इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है। इस प्रकार यह पूरा मामला भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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