ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान बर्फबारी से दो महिला श्रद्धालुओं की मौत
हिमाचल प्रदेश के लाहुल घाटी में ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान अचानक हुई भारी बर्फबारी और ठंड से दो महिलाओं की मौत हो गई है।

ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान बर्फबारी ने बढ़ाई मुसीबत
केलंग, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के लाहुल घाटी में एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पवित्र ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान अचानक हुई भारी बर्फबारी और ठंड से दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। इस धार्मिक यात्रा में शामिल कई अन्य लोग भी बर्फ पर फिसलने और अत्यधिक ठंड के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। इस कठिन यात्रा के दौरान बिगड़े मौसम और खराब हालात के कारण श्रद्धालुओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, जिससे प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है। [1]
बर्फबारी का कहर
पवित्र ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान अचानक मौसम ने ऐसा रुख बदला कि दर्जनों श्रद्धालु बर्फीले तूफान और भारी बर्फबारी के बीच फंस गए। इस दौरान कई बुजुर्ग और महिला श्रद्धालु बर्फीली फिसलन और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी, जिसके बाद बचाव दल ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई है कि ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई, जिससे दो महिलाओं को बचाया नहीं जा सका।
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस ने क्षेत्रीय अस्पताल केलंग में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली और स्पष्ट कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। इसके अलावा बर्फ पर फिसलने और ठंड से चोटिल हुए अन्य 11 से अधिक घायल श्रद्धालुओं का इलाज भी इसी अस्पताल में चल रहा है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखरेख कर रही है।
प्रशासनिक चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही लाहुल स्पीति के पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत कड़े कदम उठाते हुए हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने खराब मौसम को देखते हुए सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ऐसे जोखिम भरे पहाड़ी और ऊंचे बर्फीले इलाकों में जाने से बचें। इस तरह की घटनाओं ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान धार्मिक यात्राओं में कितनी अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए यात्रा मार्गों पर सुरक्षा के और अधिक कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें हरसंभव चिकित्सीय सहायता मुहैया कराई जा रही है। इस प्रकार यह पूरी ड्रिलबुरी परिक्रमा की घटना आपदा और ठंड के प्रकोप का एक बेहद दर्दनाक उदाहरण बन गई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मौसम की अनिश्चितता और पर्वतीय यात्राओं से जुड़े जोखिमों के लिए प्रशासन की गाइडलाइन सर्वोपरि है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।