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सिंगापुर में आयोजित भव्य समारोह में कथक नृत्यांगना का कमाल

सिंगापुर में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में कोटा की कथक नृत्यांगना बरखा जोशी ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया और मान बढ़ाया।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg कथक नृत्यांगना बरखा जोशी

कथक नृत्यांगना बरखा जोशी

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा और महान आचार्यों की स्मृति में सिंगापुर में आयोजित पुष्पांजलि ए कथक नृत्यांजलि समारोह में कोटा की कथक नृत्यांगना बरखा जोशी ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। इंडियन इंटरनेशनल ट्रेनिंग एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष समारोह में बरखा जोशी ने कथक की भाव-भंगिमाओं, लय और नृत्य सौंदर्य का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रेस विज्ञप्ति की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आयोजन बेहद खास रहा, जिसमें दोनों देशों की कला का अद्भुत संगम देखने को मिला और सभी ने कलाकारों की कला की जमकर सराहना की।

कला साधना का सम्मान

सोलह सितंबर को सिंगापुर में आयोजित यह भव्य समारोह नारायण प्रसाद एवं पंडित कुंदन लाल गंगानी की स्मृति को पूरी तरह से समर्पित रहा। कार्यक्रम में कथक की गुरु-शिष्य परंपरा, साधना और कला के प्रति समर्पण को नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से नमन किया गया। समारोह में भारत और सिंगापुर के प्रतिष्ठित कथक कलाकारों ने उत्साह के साथ सहभागिता की। पंडित चरण गिरधर चांद, विदुषी शोभा कोसर और पंडित राजेंद्र कुमार गंगानी ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से कथक की विविध रंग-छटाएं बिखेरीं। वहीं, हमारी प्रतिभाशाली कथक नृत्यांगना ने भी अपनी आकर्षक प्रस्तुति से इस गरिमामयी समारोह में विशेष आकर्षण जोड़कर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वैश्विक मंच पर पहचान

कोटा की यह प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नृत्य के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। वे एक कुशल कलाकार होने के साथ-साथ राजकीय संगीत विद्यालय, प्रभाकर रामपुर में कथक गुरु के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। नृत्य की साधना और शिक्षण के माध्यम से वे लगातार कथक की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रही हैं। सिंगापुर के इतने बड़े और प्रतिष्ठित मंच पर उनकी इस शानदार प्रस्तुति को वहां मौजूद दर्शकों ने दिल खोलकर सराहा। समारोह में कथक की भावपूर्ण अभिव्यक्ति, लयकारी और नृत्य की अद्वितीय सुंदरता ने भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा को पूरी तरह से जीवंत कर दिया।

संगीत का अद्भुत संगम

पुष्पांजलि समारोह का आयोजन कथक के महान आचार्य पंडित नारायण प्रसाद जी की विशेष स्मृति और पंडित कुंदन लाल गंगानी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति पूरा सम्मान व्यक्त करते हुए कथक की कला साधना को बार-बार नमन किया गया। कथक के इन दिग्गज कलाकारों के साथ कोटा की इस बेहतरीन कथक नृत्यांगना की सक्रिय सहभागिता ने इस पूरे समारोह को एक विशिष्ट और ऐतिहासिक महत्व प्रदान किया। सिंगापुर की इस विदेशी धरती पर संपन्न हुई इस भव्य प्रस्तुति के माध्यम से स्थानीय कला प्रतिभा को एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

महफिल सजी

समारोह में केवल नृत्य प्रस्तुतियां ही नहीं हुईं, बल्कि इसके साथ तबले और गायन की शानदार संगत ने पूरे सांगीतिक वातावरण को और अधिक समृद्ध बना दिया। पंडित फतेहसिंह गंगानी ने बेहद कुशलता के साथ अपनी तबला संगत दी, जबकि प्रख्यात गायक उस्ताद शमिउल्लाह खान की बेहतरीन गायन प्रस्तुति ने इस पूरे कार्यक्रम में संगीत का एक बेहद प्रभावशाली और मनमोहक आयाम जोड़ दिया। भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत के इस अनूठे और भव्य संगम ने पुष्पांजलि समारोह को एक विशिष्ट सांस्कृतिक आयोजन बना दिया, जिसे लोग याद रखेंगे और हमारी यह लोकप्रिय कथक नृत्यांगना हमेशा चर्चा में रहेंगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सिंगापुर में आयोजित इस नृत्य समारोह और कोटा की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना से जुड़े सभी तथ्य प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूरी तरह से प्रामाणिक हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief