छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित: एंटी रैगिंग कमेटी ने बनाई खास कार्ययोजना
एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में कॉलेज परिसर को पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए हैं।

एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक
बीकानेर, राजस्थान। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने महाविद्यालय परिसर में रैगिंग की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। 18 सितंबर 2026 को प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। प्रेस विज्ञप्ति की एक रिपोर्ट के अनुसार बैठक में महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करने तथा रैगिंग रोकने के लिए किए जाने वाले विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे नए सत्र में आने वाले सभी छात्रों को एक सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक माहौल मिल सके।
ठोस कार्ययोजना
बैठक में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में रैगिंग विरोधी गतिविधियों की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। एसीपी आकांक्षा चौधरी, वृत्ताधिकारी थाना सदर, जिला बीकानेर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य के रूप में शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय, एनएमसी नई दिल्ली, राज्य सरकार एवं राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर के आदेशों की पालना में महाविद्यालय प्रशासन द्वारा रैगिंग की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न समितियों एवं प्रकोष्ठों का गठन किया गया है।
हेल्पलाइन नंबर
रैगिंग की रोकथाम के लिए सत्र 2026-27 में विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। इनमें एंटी रैगिंग कमेटी, रैगिंग विरोधी दल, परामर्श प्रकोष्ठ, मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, सांस्कृतिक समिति, खेल-कूद समिति और छात्र समिति शामिल हैं। जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि सार्वजनिक अधिसूचना जारी कर आमजन को रैगिंग से संबंधित किसी भी घटना की सूचना देने के लिए प्रेरित किया जाए। रैगिंग की शिकायत या जानकारी एसपी मेडिकल कॉलेज के टोल फ्री नंबर 1800-180-6233 पर भी दी जा सकती है। इसके माध्यम से कोई भी पीड़ित छात्र अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है, जिस पर तुरंत आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस गश्त
जिला पुलिस प्रशासन से भी अनुरोध किया गया है कि 15 सितंबर 2026 से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए मेडिकल कॉलेज सर्कल, नागणेची रोड, पवनपुरी, शास्त्री नगर, डुप्लेक्स कॉलोनी, शिवबाड़ी रोड, पटेल नगर, जेएनवी कॉलोनी एवं अंबेडकर सर्कल से मेडिकल कॉलेज रोड तक तथा नवप्रवेशित छात्रों के आवासीय क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही निजी पेइंग गेस्ट एवं हॉस्टल का पंजीकरण सुनिश्चित करने की बात कही गई ताकि छात्रों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार कर विद्यार्थियों एवं समाज को रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया जाएगा ताकि ऐसा अपराध दोबारा कभी न हो सके।

रेंडम सर्वे
महाविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान प्रत्येक पखवाड़े प्रथम वर्ष के बैच के बीच रेंडम सर्वे करवाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉलेज परिसर में कहीं भी रैगिंग जैसी गतिविधियां तो नहीं हो रही हैं। इस सर्वे से रैगिंग संबंधी किसी भी शिकायत या घटना की समय रहते पहचान की जा सकेगी। अतिरिक्त प्रधानाचार्य एवं एंटी रैगिंग कमेटी संयोजक डॉ. नीती शर्मा ने बताया कि सभी सीनियर छात्रों को 15 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक एंटी रैगिंग अवकाश पर भेजा गया है। उनके अभिभावकों को पत्र लिखकर अपने पुत्र-पुत्रियों को रैगिंग जैसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए समझाने की विशेष अपील की गई है।
कठोर कार्रवाई
बैठक में एंटी रैगिंग समितियों के सदस्यों ने महाविद्यालय परिसर को रैगिंग जैसी गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए मुस्तैदी से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. एन. एल. महावर ने बताया कि एंटी रैगिंग विनियमों के प्रावधानों के अनुसार किसी भी छात्र का रैगिंग करना दंडनीय अपराध है। विद्यार्थियों को नियमों की जानकारी देते हुए रैगिंग से पूरी तरह दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि इस सत्र में नवप्रवेशित छात्रों के लिए विशेष रूप से अलग बॉयज हॉस्टल चिन्हित किया गया है। यहां 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षित माहौल
महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रैगिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी तथा इसकी रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस, महाविद्यालय की समितियां, विद्यार्थी और अभिभावक सभी मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इस प्रकार के सख्त और पुख्ता प्रबंधों से कॉलेज परिसर का पूरा शैक्षणिक माहौल पूरी तरह से सुरक्षित, अनुशासित और भयमुक्त बना रहेगा। सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने प्रशासन के इन कदमों की जमकर सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे कॉलेज में पढ़ाई का स्तर और अधिक बेहतर होगा। प्रशासन हर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बीकानेर के मेडिकल कॉलेज और एंटी रैगिंग कमेटी के इस निर्णय से जुड़े सभी तथ्य प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूरी तरह से प्रामाणिक हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।