शिक्षा में सुधार और एकीकरण की मांग के साथ शिक्षक सम्मेलन संपन्न
राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के दो दिवसीय शिक्षक सम्मेलन में शिक्षा में नवाचार और शिक्षकों से जुड़े गैर शैक्षिक कार्यों को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
शिक्षक सम्मेलन
बीकानेर, राजस्थान। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का दो दिवसीय भव्य शिक्षक सम्मेलन गंगाराम उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रदेश के प्रवक्ता यतीश वर्मा की अध्यक्षता एवं विशिष्ट अतिथि प्रदेश वरिष्ठ मंत्री गुलाब नाथ योगी तथा अतिरिक्त महामंत्री भंगा सिंह यादव के सानिध्य में संपन्न हुआ। संगठन के जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने बताया कि इस महत्वपूर्ण शिक्षक सम्मेलन के माध्यम से शिक्षा में नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर विचार समापन समारोह में किया गया। संगठन के सुंदर कुमार बारूपाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा में तब सुधार हो सकता है जब शिक्षक को अपना कर्तव्य पालने के लिए ही कहा जाए यानी सिर्फ पढ़ाई के लिए ही काम में लिया जाए अन्य कार्यों के लिए बिल्कुल नहीं।
गैर शैक्षिक कार्य
जिलामंत्री असलम मोहम्मद ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षकों पर शिक्षा के अलावा अन्य जिम्मेदारी जैसे बीएलओ कार्य दे रखे हैं, जिससे वे अपना मूल काम छोड़कर गैर शैक्षिक काम में लगे हुए हैं। गुलाब नाथ योगी ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का तुरंत निदान करना चाहिए, जिससे कि वे अपने कार्य में मन लगाकर अपना कर्तव्य पूर्ण कर सकें। इस शिक्षक सम्मेलन में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा अन्य किसी भी गैर शैक्षणिक कार्य में उलझाकर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बहुत बुरा असर पड़ता है और शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिरती चली जाती है।
निदेशालय एकीकरण
प्रदेश प्रवक्ता यतीश वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राथमिक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय का एकीकरण एवं समग्र शिक्षा अभियान के कार्यालय को भी एक ही स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए। शिक्षा के तीन-तीन निदेशक बनाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिया जाना बिल्कुल भी संभव नहीं है, क्योंकि शिक्षक के सामने यह बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है कि वह समग्र शिक्षा अभियान के आदेश माने या निदेशक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के आदेशों का पालन करे। ऐसी स्थिति में निदेशालय का एकीकरण करते हुए माध्यमिक शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा का कार्यालय एक किया जाए और समग्र शिक्षा अभियान का कार्यालय एक ही जगह स्थापित किया जाए ताकि किसी प्रकार की दुविधा न रहे।

स्टाफिंग पैटर्न
जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्टाफिंग पैटर्न लागू करते हुए विभाग में समस्त संवर्गों के पदों को शीघ्र भरना चाहिए। ऑनलाइन कार्य के दबाव में शिक्षक अपना मूल कर्तव्य भूलकर सिर्फ ऑनलाइन कार्य करता रहता है, ऐसी स्थिति में वह अपने दायित्वों का निर्माण सही तरीके से नहीं कर सकता है। इस शिक्षक सम्मेलन के दौरान संगठन की प्रदेश महिला उपाध्यक्ष अंजुमन आरा, श्रीराम मूर्ति, ओम प्रकाश शर्मा, गणपत राम, अजय भाटी, माया पारीक, विद्या पारीक, सुबोध हर्ष, शिव शंकर, राम चंद्र, चेनाराम, विनोद डूडी, श्रीराम लेघा, अनिल थानवी, अशोक बारूपाल आदि ने भी अपने वक्तव्य में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।
कार्यक्रम संचालन
कार्यक्रम का बहुत ही शानदार संचालन जिलाध्यक्ष आनंद पारीक के द्वारा किया गया। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शिक्षक सम्मेलन से राज्यभर के शिक्षकों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और वे अपनी मांगों को लेकर और अधिक मुखर हो गए हैं। इस दो दिवसीय आयोजन के अंत में सभी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि यदि सरकार ने जल्द ही इन सभी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो शिक्षक वर्ग बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और शासन प्रशासन की होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शिक्षक सम्मेलन और प्रशासनिक नीतियों से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।