IIT बॉम्बे के छात्र की मौत, प्रोफेसर पर केस, क्राइम ब्रांच करेगी जांच
IIT बॉम्बे के छात्र की मौत के मामले में प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज। जातिगत उत्पीड़न, धमकी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप।

प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई, महाराष्ट्र। साहिल वाकोड़े के पिता रविंद्र चक्रधर वानखड़े ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया कि उनके बेटे को करीब 3 महीने तक जातिगत अपमान, धमकी और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। शिकायत के मुताबिक साहिल IIT बॉम्बे में दूसरे वर्ष का MSc छात्र था। पिता ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर जाति को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और साहिल को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया। शिकायत में IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष बी केदारे के कथित निर्देश का भी उल्लेख है। पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। FIR में 2 अन्य आरोपी फिलहाल अज्ञात हैं। [1]
FIR में क्या आरोपपिता की शिकायत के अनुसार, साहिल ने यवतमाल में 12वीं तक पढ़ाई की थी और IIT बॉम्बे में दाखिले के बाद हॉस्टल में रहने लगा था। शिकायत में कहा गया है कि दूसरे वर्ष के दौरान उसकी परेशानियां बढ़ीं। पिता ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर दुल्ला ने जाति को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। शिकायत में परीक्षा के दौरान प्रोफेसर की मौजूदगी का भी उल्लेख है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े प्रावधानों के साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून की धाराएं लगाई हैं। इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस शिकायत में दर्ज आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
परीक्षा के बाद क्या हुआ
IIT बॉम्बे के मुताबिक साहिल ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में MSc के दूसरे वर्ष का छात्र था। मौत से पहले परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। संस्थान ने बताया कि उसने प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर जवाब लेने की कोशिश की थी। IIT के अनुसार इसके बाद शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत की और काउंसलिंग की। संस्थान का कहना है कि साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उसे भरोसा दिलाया गया था कि घटना से उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। बातचीत के बाद वह हॉस्टल लौट गया और बाद में उसके कमरे में उसकी मौत की जानकारी मिली। संस्थान ने कहा कि मौत की परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।
छात्रों ने उठाए सवाल
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और स्वतंत्र जांच की मांग की। छात्रों की ओर से परीक्षा की घटना के बाद साहिल पर दबाव होने के दावे भी सामने आए। कुछ छात्रों ने प्रशासन से जवाबदेही और मानसिक स्वास्थ्य सहायता से जुड़े कदम उठाने की मांग की। दूसरी ओर IIT बॉम्बे का कहना है कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उसे काउंसलिंग दी गई थी। इस तरह छात्रों के दावों और संस्थान के आधिकारिक बयान में अंतर है। निलंबन या किसी अन्य कार्रवाई की धमकी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस अब यह जांचेगी कि परीक्षा के बाद साहिल के साथ क्या बातचीत हुई और उसकी मौत से पहले घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।
क्राइम ब्रांच करेगी जांच
मुंबई क्राइम ब्रांच अब पिता की शिकायत, FIR में दर्ज आरोपों और IIT बॉम्बे के बयान के आधार पर मामले की जांच करेगी। जांच में प्रोफेसर की कथित भूमिका, निदेशक के कथित निर्देश, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT से जुड़ी घटना तथा साहिल के साथ हुई बातचीत जैसे पहलुओं को देखा जाएगा। FIR में नामित 2 अन्य आरोपियों की पहचान भी जांच का हिस्सा होगी। IIT बॉम्बे परिसर में 7 महीने के भीतर यह तीसरी छात्र आत्महत्या बताई गई है। फरवरी में दूसरे वर्ष के एक छात्र और जुलाई में 20 वर्षीय दूसरे वर्ष के BTech छात्र की मौत हुई थी। मौजूदा मामले में जातिगत उत्पीड़न के आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जातिगत उत्पीड़न, धमकी और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप शिकायत और पुलिस केस में दर्ज दावों पर आधारित हैं तथा अदालत में सिद्ध होना बाकी है। परिवार, छात्रों और IIT बॉम्बे के बयानों में अंतर को उनके संबंधित संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।